लखीसराय: लखीसराय में शुक्रवार को 33वां जिला स्थापना दिवस पूरी भव्यता और उत्साह के साथ मनाया गया। यह दिन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि विकास, जागरूकता और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रदर्शन बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत “प्रगति मार्च” से हुई, जिसने शहर को उत्सव के माहौल में बदल दिया। समाहरणालय से शुरू हुआ यह मार्च हरी झंडी दिखाकर जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने रवाना किया। यह मार्च क्रिमनला पार्क पहुंचा, जहां डीएम द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस मौके पर उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।

इस प्रगति मार्च में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सरकारी कर्मी और पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने विकास, स्वच्छता और जन-जागरूकता से जुड़े संदेशों के जरिए लोगों को प्रेरित किया, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।
इसके बाद केआरके मैदान में विकास मेला का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का उद्घाटन जिला पदाधिकारी ने फीता काटकर किया। उन्होंने सभी स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंच की स्थिति की जानकारी ली। इन स्टॉलों के माध्यम से आमजन को सरकार की विभिन्न योजनाओं, सेवाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के बीच पोषण सहायता के रूप में फूड पैकेट का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने टीबी मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
समारोह में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

दिन का समापन नगर भवन में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगीत और गणेश वंदना के साथ शुरुआत हुई। इसके बाद विभिन्न विद्यालयों और सांस्कृतिक समूहों के बच्चों ने लोकनृत्य, शास्त्रीय नृत्य और गायन की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
लाल इंटरनेशनल स्कूल, बालिका विद्यापीठ, लहसोरबा उच्च विद्यालय और अन्य संस्थानों के छात्रों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रमोद पाठक एंड ग्रुप के लोकगीत, शास्त्रीय नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।

कार्यक्रम के अंत में जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
पूरा दिन लखीसराय के लिए विकास, संस्कृति और जनभागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया, जहां प्रशासन और जनता एक साथ उत्सव के रंग में नजर आए।
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