धनबाद: धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात पुलिस और प्रिंस खान गैंग से जुड़े अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, तीन अपराधी बाइक से लेवी वसूलने के लिए इलाके में जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो अपराधियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घटना रात करीब 11:15 बजे कुर्मीडीह-निरंकारी चौक रोड के पास की बताई जा रही है। घायल अपराधियों की पहचान वासेपुर नूरी मस्जिद रोड निवासी इरफान आलम उर्फ टुन्ना और पुटकी निवासी नन्हे अंसारी के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
पुलिस को पहले ही मिल गई थी सूचना
पुलिस को सूचना मिली थी कि गोपी खान के गुर्गे बरवाअड्डा इलाके में किसी से लेवी वसूलने आने वाले हैं। सूचना के बाद बरवाअड्डा थाना की गश्ती टीम को अलर्ट कर दिया गया था।
रात करीब 11:15 बजे पुलिस ने बाइक पर सवार तीन संदिग्धों को बाइपास रोड से कुर्मीडीह होते हुए निरंकारी चौक की ओर आते देखा। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पुलिस के मुताबिक, रुकने के बजाय बाइक सवार अपराधियों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी।
फायरिंग में एक गोली गश्ती वाहन के आगे के शीशे पर जा लगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की गोलीबारी में इरफान और नन्हे के दाहिने पैर में गोली लगी और दोनों बाइक समेत मौके पर गिर गए। तीसरा अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
मौके से दो पिस्टल बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से दो पिस्टल बरामद की हैं। घायल दोनों अपराधियों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पूछताछ के दौरान दोनों की पहचान सामने आई।
पुलिस अब फरार तीसरे आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
इरफान का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, घायल इरफान आलम उर्फ टुन्ना का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। वह प्रिंस खान के भाई बंटी का करीबी बताया जा रहा है। वासेपुर के नन्हे हत्याकांड के मामले में भी वह बंटी के साथ जेल जा चुका है।
इरफान के खिलाफ करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल वह जेल से जमानत पर बाहर था। वहीं पुटकी निवासी नन्हे अंसारी पिछले कुछ समय से इरफान के साथ सक्रिय बताया जा रहा था। पुलिस उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
मोबाइल से गोपी खान से संपर्क के संकेत
पुलिस को दोनों आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में गोपी खान से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधी बाइक से जाते समय गोपी खान से मोबाइल पर संपर्क में थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वे किस व्यक्ति या कारोबारी से लेवी वसूलने जा रहे थे और कितनी रकम की मांग की गई थी।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या मोबाइल के जरिए अपराधियों को दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे।
एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी मोहम्मद एस याकूब मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
इसके बाद कुर्मीडीह-निरंकारी चौक रोड पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
FSL टीम करेगी घटनास्थल की जांच
पुलिस ने घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच के लिए रांची से FSL टीम को सूचना दी है। टीम के मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की बात कही गई है।
पुलिस फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों, गोली के खोखे और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। इसके आधार पर मुठभेड़ की पूरी स्थिति को और स्पष्ट किया जाएगा।
किससे लेवी वसूलने जा रहे थे, जांच जारी
फिलहाल पुलिस की जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि तीनों अपराधी किससे लेवी वसूलने जा रहे थे और रकम कितनी थी। घायल आरोपियों से पूछताछ के बाद इस संबंध में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस फरार आरोपी की पहचान और उसके संभावित ठिकाने का भी पता लगा रही है। साथ ही मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
एसएसपी ने क्या कहा?
धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के मुताबिक, गोपी खान के तीन गुर्गे लेवी वसूलने के लिए जा रहे थे। सूचना के आधार पर बरवाअड्डा पुलिस पहले से अलर्ट थी। बाइक सवार अपराधियों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो अपराधियों के पैर में गोली लगी है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनसे पूछताछ के बाद यह स्पष्ट होगा कि वे किससे लेवी वसूलने जा रहे थे।
फिलहाल पुलिस फरार तीसरे आरोपी की तलाश और पूरे लेवी नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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