हाजीपुर (वैशाली): सोशल मीडिया पर पुराने नोट के बदले लाखों रुपये मिलने के झांसे में एक 13 साल का बच्चा साइबर ठगी का शिकार हो गया। वैशाली के माइल पकड़ी गांव के रहने वाले बच्चे ने आरोप लगाया कि ठगों ने 5 रुपये के पुराने नोट के बदले 35 लाख रुपये देने का लालच दिया और अलग-अलग बहानों से करीब 10 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।
पीड़ित बच्चे ने 13 सितंबर को हाजीपुर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, ठगों ने बच्चे का भरोसा जीतने के लिए WhatsApp पर लगातार वीडियो और वॉइस रिकॉर्डिंग भेजीं। इनमें बड़ी मात्रा में नोट, पैसे की गिनती और कथित ऑफिस व एयरपोर्ट के वीडियो दिखाए गए।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर मांगे 520 रुपये
बच्चे के मुताबिक, वह अपने पिता के फोन पर Instagram पर रील देख रहा था। इसी दौरान उसे एक वीडियो मिला, जिसमें दावा किया गया था कि 5 रुपये के पुराने नोट के बदले 35 लाख रुपये मिल सकते हैं।
वीडियो में दिए नंबर पर संपर्क करने के बाद उससे पहले 520 रुपये रजिस्ट्रेशन के नाम पर मांगे गए। बच्चे ने पिता के Google Pay से रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद आरोपियों ने पुराने नोट और आधार कार्ड की फोटो मांगी, जिसे उसने भेज दिया।
कभी टैक्स तो कभी प्रोसेसिंग के नाम पर पैसे मांगे
इसके बाद ठगों ने अलग-अलग वीडियो भेजकर बच्चे को विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उसके लिए 35 लाख रुपये तैयार हैं। एक वीडियो में बैंक और मशीनें दिखाते हुए कथित तौर पर टैक्स जमा करने की बात कही गई।
इसके बाद ATM से बड़ी रकम निकलने और नोटों की गिनती के वीडियो भी भेजे गए। एक अन्य वीडियो में कथित तौर पर एयरपोर्ट जैसा स्थान दिखाया गया और एक व्यक्ति ने खुद को BSF का जवान बताते हुए बच्चे से कहा कि उसका पैसा बॉक्स में तैयार रखा है।
इन वीडियो और रिकॉर्डिंग के बाद बच्चे को भरोसा हो गया कि उसे वास्तव में रकम मिलने वाली है।
QR कोड भेजकर 9,420 रुपये और लिए
इसके बाद आरोपियों ने एक QR कोड भेजा और टैक्स के नाम पर 9,420 रुपये ट्रांसफर करने को कहा। बच्चे ने यह रकम भी भेज दी। इसके बाद जब उसने पैसे मिलने के बारे में पूछा तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
बच्चे के पिता को जब पूरे मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर उन्हें धमकी दी गई। आरोपियों ने डराने के लिए सेना के जवान की तस्वीर भी भेजी।
साइबर पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट
मामले की शिकायत के बाद साइबर पुलिस मोबाइल नंबर, QR कोड और रकम जिन खातों में ट्रांसफर हुई, उनकी जांच कर रही है।
साइबर क्राइम पुलिस उपाधीक्षक चांदनी सुमन ने लोगों से सोशल मीडिया पर पुराने नोटों के बदले लाखों रुपये देने वाले विज्ञापनों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि ठग पहले बड़े मुनाफे का लालच देते हैं और फिर रजिस्ट्रेशन, टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या अन्य किसी बहाने से पैसे मांगते हैं।
साइबर पुलिस की अपील है कि पुराने नोट या किसी भी सामान के बदले असामान्य रूप से बड़ी रकम देने वाले ऑनलाइन दावों पर भरोसा न करें और किसी अनजान व्यक्ति को पैसे, बैंक संबंधी जानकारी या पहचान दस्तावेज साझा करने से बचें।
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