पटना: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर खींचतान बढ़ती नजर आ रही है। RJD की ओर से 6 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कांग्रेस समेत वाम दलों में नाराजगी सामने आई है। सहयोगी दलों का कहना है कि सीट बंटवारे को लेकर आपसी सहमति बनाने से पहले ही राजद ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए।
राजद ने दो सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी हैं। इनमें एक सीट कांग्रेस के सीटिंग MLC मदन मोहन झा और दूसरी CPI के सीटिंग MLC संजय कुमार सिंह के लिए बताई गई है। हालांकि, अन्य सीटों को लेकर सहयोगी दलों की अपनी दावेदारी है।
सारण सीट को लेकर RJD-CPI आमने-सामने
सबसे ज्यादा चर्चा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर है। CPI ने इस सीट से विद्यासागर विद्यार्थी को मैदान में उतारने की तैयारी की है, जबकि राजद ने यहां से प्रो. जयराम यादव को उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
CPI का कहना है कि इस सीट पर उसके उम्मीदवार को लेकर पहले से तैयारी चल रही थी। ऐसे में राजद की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने से दोनों दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
कांग्रेस भी कई सीटों पर तैयारी में
कांग्रेस के भीतर भी विधान परिषद की कई सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी चल रही है। पार्टी की ओर से दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और कोसी स्नातक समेत कुछ सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की जा रही है।
बिहार कांग्रेस प्रभारी अल्लावरू ने दावेदार नेताओं के साथ बैठक कर उनकी राय जानी है। अब पार्टी केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश का इंतजार कर रही है।
कांग्रेस ने RJD पर समन्वय नहीं करने का लगाया आरोप
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि राजद की ओर से गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ पर्याप्त समन्वय नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में भी गठबंधन के भीतर ऐसी परिस्थितियां बनी हैं, जिसका फायदा भाजपा को मिला।
तेजस्वी यादव के सलाहकारों को लेकर भी कांग्रेस प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाए और कहा कि राजद के सलाहकारों में कुछ लोग भाजपा के ‘स्लीपर सेल’ से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, यह कांग्रेस की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है।
कांग्रेस नेता मदन मोहन झा ने कहा कि पार्टी ने अपनी भावनाओं से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत करा दिया है और आगे का फैसला शीर्ष नेतृत्व के निर्देश के अनुसार लिया जाएगा।
वाम दल भी अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में
CPI ने दो सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की है। वहीं CPI(M) भी अपनी बैठक में सीटों को लेकर अंतिम फैसला करेगी। पार्टी की ओर से दो से तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारने की संभावना जताई गई है।
CPI(ML) भी दो सीटों पर उम्मीदवार देने की तैयारी में है। पार्टी के राज्य सचिव कुणाल के मुताबिक, उम्मीदवार और सीट को लेकर अभी राय-विचार चल रहा है।
क्या फिर होगी ‘फ्रेंडली फाइट’?
विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर महागठबंधन के घटक दल अलग-अलग सीटों पर आमने-सामने आ सकते हैं। विधान परिषद की इन 8 सीटों पर NDA और जनसुराज भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
ऐसे में अगर महागठबंधन के दलों के बीच सहमति नहीं बनती है और अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तो इसका सीधा असर विपक्षी वोटों के बंटवारे पर पड़ सकता है।
फिलहाल कांग्रेस, RJD और वाम दलों के बीच सीटों को लेकर अंतिम तस्वीर साफ नहीं हुई है। आने वाले दिनों में गठबंधन के भीतर होने वाली बैठकों और केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से यह तय होगा कि महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ता है या कई सीटों पर उसके घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरते हैं।
ये खबर भी पढ़े: वैशाली में चेन झपटमारी के आरोप में दो युवकों को ग्रामीणों ने पेड़ से बांधा, सिर मुंडाकर घुमाया; पुलिस को किया सुपुर्द!