नई दिल्ली: भारतीय रेल के लिए अगस्त 2026 सिर्फ यात्रियों की भीड़ संभालने का महीना नहीं रहा, बल्कि माल ढुलाई से लेकर नई ट्रेन सेवाओं तक रेलवे नेटवर्क के विस्तार का भी गवाह बना। एक तरफ करोड़ों यात्रियों ने रेल से सफर किया, तो दूसरी तरफ मालगाड़ियों ने भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा माल ढोया। आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में रेलवे की माल ढुलाई 5.4 प्रतिशत बढ़कर 137.9 मिलियन टन पहुंच गई।
अगस्त 2025 में रेलवे ने 130.9 मिलियन टन माल ढोया था। इस बार इसमें करीब 7 मिलियन टन की बढ़ोतरी हुई। माल ढुलाई से रेलवे की कमाई भी बढ़ी और राजस्व में 6.27 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। लौह अयस्क, क्लिंकर, कंटेनर और कोयले की ढुलाई में खास तेजी देखने को मिली।
149 कार्गो टर्मिनल का नेटवर्क
रेलवे ने माल की आवाजाही को और आसान बनाने के लिए अगस्त में 5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए। इसके साथ देश में ऐसे टर्मिनलों की संख्या 149 हो गई। गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा में शुरू हुए ये टर्मिनल उद्योगों के लिए माल की लोडिंग-अनलोडिंग और आगे की सप्लाई को आसान बनाने में मदद करेंगे।
अमृत भारत से बढ़ी किफायती कनेक्टिविटी
यात्रियों के लिए भी अगस्त खास रहा। 14 अमृत भारत सेवाओं को नियमित किया गया। इनमें अहमदाबाद-भागलपुर, धनबाद-कोयंबटूर, गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस और गोरखपुर-दिल्ली जैसी सेवाएं शामिल हैं। इससे बिहार समेत कई राज्यों के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिला।
अगस्त में रेलवे ने 67.27 करोड़ यात्रियों को सफर कराया। वहीं रक्षाबंधन के दौरान भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रेनों के 144 फेरे चलाए गए।
यानी अगस्त का रेलवे रिपोर्ट कार्ड साफ है—यात्री बढ़े, माल बढ़ा और कनेक्टिविटी का नेटवर्क भी फैला। रेलवे अब सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि देश की आर्थिक रफ्तार को आगे बढ़ाने वाली बड़ी कड़ी के तौर पर भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
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