सहरसा: सदर अस्पताल में बीमार बच्चों की खबर जुटाने पहुंचे एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार ने अस्पताल के कुछ चिकित्सकों, कर्मियों और पारा मेडिकल छात्रों पर मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और सामान छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्रकार के मुताबिक, वह मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की रिपोर्टिंग के लिए सदर अस्पताल पहुंचे थे। बच्चों का वीडियो बनाने के बाद वह अस्पताल परिसर में पीटीसी कर रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर विवाद शुरू हो गया।
आरोप—जबरन कमरे में ले जाकर की गई मारपीट
अभिषेक कुमार का आरोप है कि विवाद के बाद उन्हें जबरन ओटी की तरफ ले जाया गया और एक कमरे में बंद कर दिया गया। वहां उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने गला दबाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
पत्रकार ने यह भी दावा किया है कि उन्हें जहरीली सुई लगाने की धमकी दी गई। घटना में घायल होने के बाद उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
नकदी और आभूषण छीनने का भी दावा
पत्रकार ने अपने आवेदन में करीब 2500 रुपये नकद, सोने की चेन और कान का कुंडल छीनने का आरोप लगाया है। साथ ही मोबाइल और माइक तोड़े जाने की बात भी कही गई है।

सदर थाना में दिया आवेदन
घटना को लेकर पत्रकार ने सदर थाना में आवेदन देकर नामजद चिकित्सकों, अस्पताल कर्मियों और पारा मेडिकल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने पुलिस से अस्पताल परिसर और विशेष रूप से ओटी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की है, ताकि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच हो सके।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। पुलिस आवेदन में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।
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सहरसा से विकास कुमार कि रिपोर्ट…