मधेपुरा: जिले के मुरलीगंज स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति-जनजाति आवासीय विद्यालय में मंगलवार रात हड़कंप मच गया, जब खाना खाने के बाद हॉस्टल में रह रहे बच्चे एक-एक कर बीमार पड़ने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, बच्चों को परोसे गए खाने में छिपकली मिलने की बात सामने आई है। खाना खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत शुरू हो गई।
हालत बिगड़ते देख स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में बच्चों को मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां 33 से ज्यादा बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। कई बच्चों को ड्रिप (सलाइन) भी चढ़ाई गई।
घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह विद्यालय प्रभारी बबीता कुमारी अस्पताल में मौजूद रहीं और इलाज की निगरानी करती दिखीं, हालांकि उन्होंने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
घटना के बाद अभिभावकों में आक्रोश है। सवाल उठ रहा है कि आवासीय स्कूल के खाने में ऐसी लापरवाही कैसे हुई?
अगर समय पर बच्चों को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता, तो हालात और बिगड़ सकते थे।
फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।