लखीसराय: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), लखीसराय में गुरुवार को जिला स्तरीय मार्गदर्शक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 25 जून 2026 को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को मजबूत करना तथा शिक्षकों की मार्गदर्शक भूमिका को सशक्त बनाना रहा।
कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आयोजित की गई, जिसमें प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, इंस्ट्रक्शनल मेंटरिंग, कक्षा अवलोकन एवं चिंतन (CRO) तथा पीयर लर्निंग सर्कल (PLC) जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन विषयों के माध्यम से शिक्षकों को बच्चों की समझ आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में समग्र शिक्षा के संभाग प्रभारी अमित कुमार सिंह, डायट की व्याख्याता स्मृति राज, मंत्रा4चेंज संस्था के प्रतिनिधि नवनीत कुमार सहित अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे। जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए मार्गदर्शक शिक्षक, संकुल प्रमुख एवं व्याख्याताओं ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई।
संभाग प्रभारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और हर बच्चे तक बेहतर शिक्षा पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए शिक्षकों के बीच सहयोगात्मक सीखने की संस्कृति विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने ‘परख’ के माध्यम से बच्चों की दक्षताओं को समझने और विकसित करने पर विशेष बल दिया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को शिक्षक सफलता ढांचा (Teacher Success Framework) के अंतर्गत पाठ योजना निर्माण, छात्र सहभागिता, कक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन एवं फीडबैक जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही समूह चर्चा, केस स्टडी और गतिविधियों के माध्यम से विद्यालय स्तर की चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।
अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव साझा करते हुए विद्यालयों में बेहतर शिक्षण पद्धति लागू करने और सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने का संकल्प लिया। यह कार्यशाला जिले में शिक्षकों की क्षमता वृद्धि और शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि डायट संस्थान राज्य में शिक्षकों के प्रशिक्षण और शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहा है।
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