शेखपुरा : बिहार के शेखपुरा जिले के महानंदपुर गांव से एक गर्व करने वाली खबर सामने आई है। साधारण किसान परिवार में जन्मे नीतीश कुमार ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर 70वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर चयन पाया है। उन्होंने इस परीक्षा में 1266वीं रैंक प्राप्त की।
नीतीश कुमार के पिता सतीश कुमार एक छोटे किसान हैं, जबकि माता अनीता देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
नीतीश की प्रारंभिक शिक्षा बिहार बोर्ड से हुई। उन्होंने 2010 में नालंदा कॉलेजिएट, बिहार शरीफ से मैट्रिक और 2012 में अल्लामा इकबाल कॉलेज से इंटरमीडिएट पूरा किया। इसके बाद 2015 में मगध यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की।
सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। पटना में रहकर पूरी तरह सेल्फ स्टडी के जरिए BPSC की तैयारी की और सफलता हासिल की।
उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े होने के कारण परिवार की जिम्मेदारियां भी उनके कंधों पर थीं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे।
नीतीश कुमार अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं। उनका कहना है कि पिता ने खेती कर पढ़ाई का खर्च उठाया, जबकि मां ने हर मुश्किल समय में उनका मनोबल बढ़ाया।
यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे शेखपुरा जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है।
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