रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 16 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई तीसरे दौर की वार्ता में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। बातचीत के बाद आंदोलन के समाप्त होने की संभावना बढ़ गई है, हालांकि सभी छात्र संगठनों की अंतिम सहमति अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बैठक में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडे सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव शामिल हुए। विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी वार्ता में अपनी मांगें रखीं। बैठक को देखते हुए गेस्ट हाउस के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
14वीं जेपीएससी पीटी समेत तीन परीक्षाओं पर बड़ा फैसला
सूत्रों के अनुसार, सरकार 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा समेत तीन परीक्षाओं को रद्द करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच को लेकर भी महत्वपूर्ण आश्वासन दिया गया है।
सरकार की ओर से यह भी भरोसा दिलाया गया कि 90 दिनों के भीतर सीआईडी की जांच प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल की ओर से कराई गई अन्य परीक्षाओं की भी जांच का आश्वासन दिया गया है।
JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में होगा बदलाव
छात्रों की एक बड़ी मांग परीक्षा व्यवस्था में सुधार की रही है। वार्ता में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ कमेटी गठित करने पर सहमति बनने की बात कही जा रही है।
बताया गया है कि इस कमेटी में शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। कमेटी परीक्षा प्रक्रिया, पारदर्शिता और भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सुधार के सुझाव देगी।
जांच को लेकर अभी भी तस्वीर पूरी साफ नहीं
छात्र संगठनों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग लंबे समय से की जा रही है। कुछ संगठनों ने जांच सीबीआई से अथवा राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग उठाई है।
ऐसे में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन पर सभी छात्र संगठन एकमत हैं या नहीं, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि आंदोलन खत्म होने की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
16वें दिन भी जारी रहा आंदोलन
सरकार से बातचीत के बावजूद छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों में से छह छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बताए गए हैं।
छात्र नेताओं का कहना है कि यदि सरकार लिखित रूप से उनकी मांगों को स्वीकार करती है और परीक्षा सुधार तथा जांच को लेकर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित होती है, तो आंदोलन को समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है।
10 अगस्त के विधानसभा मार्च पर टिकी नजर
एक तरफ सरकार और छात्रों के बीच बातचीत में सहमति के संकेत मिले हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ छात्र संगठनों की ओर से 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की तैयारी भी की जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और छात्रों के बीच बनी सहमति अंतिम रूप लेती है या नहीं। यदि लिखित आश्वासन और कार्रवाई की रूपरेखा पर सहमति बन जाती है, तो करीब ढाई सप्ताह से चल रहे इस आंदोलन के समाप्त होने का रास्ता साफ हो सकता है।
सरकार के सामने दोहरी चुनौती
भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों के असंतोष ने सरकार के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराना है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का भरोसेमंद जवाब भी देना है।
रविवार की वार्ता से समाधान की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन आंदोलन का अंतिम फैसला छात्र संगठनों की अगली बैठक और सरकार के लिखित आश्वासन पर निर्भर करेगा।
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