पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मोकामा से विधायक और अपने बेबाक अंदाज के लिए चर्चित अनंत सिंह ने सीधे सरकार के दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर सम्राट चौधरी कह रहे हैं कि राज्य के पास फंड की कोई कमी नहीं है, वहीं अनंत सिंह ने साफ कहा—नई सरकार बनने के बाद जनता का काम ही नहीं हो पा रहा, क्योंकि खजाना खाली है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में विकास और फंड को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। अनंत सिंह के इस सीधे हमले ने सत्ता और संगठन दोनों के अंदर हलचल बढ़ा दी है।
इसी बीच जदयू नेता छोटू सिंह को पार्टी से बाहर किए जाने के फैसले पर भी अनंत सिंह खुलकर सामने आए। उन्होंने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि अगर एक गलती पर ही लोगों को निकाल दिया जाएगा, तो पार्टी में आखिर बचेगा कौन। उनका तंज साफ था—“बड़का लोग गलती नहीं करते क्या?”
अनंत सिंह ने कहा कि हर इंसान से गलती होती है और पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं को सुधारने का मौका देना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर बार-बार गलती हो तब कार्रवाई समझ में आती है, लेकिन एक गलती पर बाहर करना ठीक नहीं।
दरअसल, जदयू ने अपने पुराने नेता छोटू सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी के अंदर कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद और बहस के बाद यह कार्रवाई की गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया था, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
अब अनंत सिंह के बयान के बाद यह मामला और तूल पकड़ता दिख रहा है। एक तरफ सरकार फंड और विकास के दावे कर रही है, तो दूसरी ओर उसी गठबंधन के भीतर से आवाज उठने लगी है।
बिहार की सियासत में यह बयान सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक टकराव का संकेत भी माना जा रहा है।

ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड