लखीसराय: मानदेय में बढ़ोतरी, राज्यकर्मी का दर्जा और लंबित भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की लखीसराय जिला इकाई ने आंदोलन का ऐलान किया है। संघ की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सितंबर 2026 तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो अक्टूबर से राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक लखीसराय समाहरणालय परिसर स्थित गांधी मैदान में जिला अध्यक्ष नवीन कुमार और कार्यकारी जिला अध्यक्ष शिवदानी कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कार्यपालक सहायकों की लंबित मांगों और सरकार के रवैये को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
‘आश्वासन के बाद भी 9 महीने से नहीं हुआ समाधान’
संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व में आंदोलन और हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आश्वासन के करीब नौ महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।
संघ नेताओं ने कहा कि इससे कार्यपालक सहायकों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि विभिन्न सरकारी विभागों और कार्यालयों में कार्यपालक सहायक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं और सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अहम है।
सितंबर तक इंतजार, अक्टूबर में आंदोलन की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया कि सितंबर माह के अंत तक यदि उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो अक्टूबर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। संघ नेताओं ने कहा कि आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बैठक में कार्यपालक सहायकों को अधिक संगठित करने और संघ को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। उपस्थित कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
ये हैं प्रमुख मांगें
संघ की ओर से कई मांगें प्रमुखता से उठाई गईं—
- आवास विभाग एवं मनरेगा यानी वीबी-जी रामजी में कार्यरत कार्यपालक सहायकों के सात माह से लंबित मानदेय का भुगतान।
- सभी विभागों में समूह स्वास्थ्य बीमा और कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करना।
- कार्यपालक सहायकों को हटाकर उनकी जगह आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवा लेने का विरोध।
- कार्य समीक्षा या वित्तीय बोझ का हवाला देकर कार्यपालक सहायकों को हटाने की धमकी पर रोक।
- EPF, अवकाश और अन्य वैधानिक/देय सुविधाओं में अनियमितता दूर करना।
- मानदेय पुनर्निर्धारण और अन्य सुविधाओं को लेकर लंबे समय से दिए जा रहे आश्वासनों और कथित टालमटोल के खिलाफ निर्णायक संघर्ष।
बैठक में दर्जनों कार्यपालक सहायक रहे मौजूद
बैठक में विजय कुमार, विनय कुमार, राकेश कुमार, रवि मेहता, अचरज कुमार, मुकेश कुमार, विवेक कुमार, प्रेम कुमार, धीरज कुमार, पुरुषोत्तम कुमार और श्याम कुमार समेत दर्जनों कार्यपालक सहायक मौजूद रहे।
संघ ने साफ कर दिया है कि मांगों पर सितंबर तक ठोस पहल नहीं हुई तो अक्टूबर से आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
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