हजारीबाग: हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र के रैंबो करमा गांव में अंधविश्वास ने एक मासूम की मौत के बाद भी दर्दनाक रूप ले लिया। सांप के डसने से 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने पूरे इलाके को झकझोर दिया।
मृतक बच्चे की पहचान प्रवीण रविदास के पुत्र Rishi Kumar Ravidas के रूप में हुई है। शनिवार रात वह अपनी मां के साथ घर में सो रहा था, तभी करैत सांप ने उसे डस लिया। सुबह उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मौत के बाद शुरू हुआ ‘चमत्कार’ का इंतजार
डॉक्टरों से मौत की पुष्टि के बावजूद परिजन टूट गए और इसी बीच कुछ लोगों ने उन्हें कोडरमा के एक कथित बाबा के बारे में बताया, जो तंत्र-मंत्र से जहर उतारने का दावा करता है।
इसके बाद परिजन बच्चे के शव को घर ले आए और झाड़-फूंक शुरू कर दी गई। कथित बाबा के पहुंचने पर शव को एक गड्ढे में रखा गया और उसे गोबर व गौमूत्र में लपेट दिया गया।
12 घंटे तक अंधविश्वास का खेल
बाबा ने दावा किया कि 12 घंटे के भीतर बच्चा फिर से जीवित हो जाएगा। इस दावे के बाद गांव में भीड़ जुट गई और लोग इस कथित चमत्कार को देखने के लिए देर रात तक वहीं बैठे रहे।
लेकिन 12 घंटे बीतने के बाद जब कोई बदलाव नहीं हुआ, तो बाबा मौके से निकल गया और सच सामने आ गया कि बच्चा अब जीवित नहीं हो सकता।
दर्दनाक अंत
अंत में परिजनों ने टूटकर बच्चे को गांव के खेत में दफना दिया। पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसर गया है।
यह घटना सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि उस अंधविश्वास की तस्वीर है जो आज भी कई इलाकों में लोगों की सोच पर हावी है।
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