रामगढ़: लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने रामगढ़ जिले में प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। संभावित हादसों को देखते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने जिलेवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा है कि नदी, तालाब, डैम, जलाशय और अन्य जल स्रोतों के आसपास लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
उपायुक्त ने लोगों से अनावश्यक रूप से जल स्रोतों के नजदीक नहीं जाने और तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश करने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने से दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
जिला प्रशासन ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) और थाना प्रभारियों (SHO) को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। साथ ही नदी और जल स्रोतों के आसपास लोगों की आवाजाही पर नजर रखने तथा जोखिम वाले स्थानों पर जाने से रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से माइकिंग कर लोगों को लगातार जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा मुखिया, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण स्तर के प्रतिनिधियों के सहयोग से गांव-गांव लोगों को बढ़ते जलस्तर के खतरे और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी।
उपायुक्त ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं को नदियों, डैम और तालाबों के किनारे जाने से रोकें। सेल्फी लेने, नहाने, मछली पकड़ने या किसी भी अन्य गतिविधि के लिए पानी में उतरना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में समय पर सूचना और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी खतरे या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन और संबंधित थाना को दें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खुद सुरक्षित रहें और अपने परिवार, पड़ोसियों तथा समुदाय के अन्य लोगों को भी बढ़े हुए जलस्तर के प्रति जागरूक करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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