बोकारो: बोकारो में 11 दिनों से जारी आदिवासी परिवार का अनशन आखिरकार खत्म हो गया। बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने खुद मौके पर पहुंचकर जूस पिलाकर परिवार का अनशन तुड़वाया। इसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली और मृतक का अंतिम संस्कार करने की बात कही।
दरअसल, बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारी सुभाषचंद्र मोदी की काम के दौरान हादसे में घायल होने के बाद 17 जुलाई को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद परिवार नियोजन और सहायता की मांग को लेकर BSL के ADM बिल्डिंग के पास टूटेन गार्डन में अनशन पर बैठ गया था।
11 दिनों तक आंदोलन जारी रहने के दौरान मृतक का शव बोकारो जनरल अस्पताल के मॉर्चरी में रखा रहा। परिवार के साथ विस्थापित भी अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।
मामले में बोकारो स्टील प्लांट ने अपने नियमों का हवाला देते हुए स्थायी नौकरी देने से इनकार किया था। हालांकि जिला प्रशासन की पहल के बाद सहमति बनी कि मृतक के दो बेटों को BSL प्लांट के अंदर कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम दिया जाएगा। इसके लिए एक कंपनी की ओर से ऑफर लेटर भी दिया गया है।
वहीं मृतक की बेटी, जो आर्चरी खिलाड़ी है, उसे भी जिला प्रशासन की ओर से सहयोग और समायोजन का आश्वासन दिया गया है।
अनशन खत्म कराने पहुंचे उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि पीड़ित परिवार आदिवासी समाज से आता है और प्रशासन परिवार की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि परिवार को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाएगा।
मृतक की पत्नी ने कहा कि प्रशासन के आश्वासन के बाद अब उन्हें उम्मीद जगी है। वहीं मृतक की बेटी ने बताया कि 11 दिनों से पिता का शव मॉर्चरी में रखा था, अब अनशन खत्म होने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जिला प्रशासन की पहल के बाद खत्म हुए इस आंदोलन को लेकर स्थानीय लोगों ने भी राहत जताई है।
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