पटना: बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। दिल्ली दौरे के तीसरे दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। उनके इस बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि PM ने बिहार को बर्बाद कराने की सुपारी दे रखी है।
मुख्यमंत्री के बयान और तेजस्वी की प्रतिक्रिया के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। एक तरफ मुख्यमंत्री प्रदेश में अपराध को लेकर अपना दावा पेश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष उनके बयान को लेकर सवाल उठा रहा है। अब इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आखिर मुख्यमंत्री क्राइम और अपराध के बीच किस अंतर की बात कर रहे थे?
CM के बयान पर तेजस्वी का पलटवार
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में अपराध की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। उनके इस बयान पर तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी।
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि PM ने प्रदेश को बर्बाद कराने की सुपारी दे रखी है। उनके इस बयान ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
जन सुराज ने भी CM की टिप्पणी पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री के बयान पर जन सुराज ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने लिखा कि जिस राज्य का मुख्यमंत्री ही अपराध और क्राइम को अलग-अलग समझे, उस राज्य का भविष्य क्या होगा? जन सुराज ने अपने पोस्ट में पढ़े-लिखे नेतृत्व की जरूरत का मुद्दा उठाया।
इस तरह मुख्यमंत्री के बयान पर राजद और जन सुराज दोनों ने सवाल खड़े किए हैं।
अपराध पर बयान, लेकिन दिल्ली में विकास की बैठकों का भी दौर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा केवल राजनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ बिहार की सड़क परियोजनाओं पर बैठक की। इसमें राज्य की करीब 330 किलोमीटर लंबी चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए 49,751 करोड़ रुपये की मांग रखी गई।
मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को जल्द केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी दिलाने का आग्रह किया। उनका कहना है कि इन योजनाओं के पूरा होने से बिहार में सड़क संपर्क बेहतर होगा और विकास को गति मिलेगी।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे से लेकर रक्सौल-हल्दिया तक चर्चा
बैठक में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा वाराणसी-रांची-कोलकाता सिक्स लेन हाईवे के बिहार वाले हिस्से और गंडक नदी पर प्रस्तावित दो लेन के पुल के निर्माण का मुद्दा उठाया गया।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के बिहार वाले हिस्से को राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे के रूप में अधिसूचित करने और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बाढ़ नियंत्रण के लिए नदियों से निकलेगी गाद
बिहार में बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत नदियों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालने और निकाली गई मिट्टी का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली दौरे के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो में हिस्सा लिया।
अब बयान पर सरकार के जवाब का इंतजार
मुख्यमंत्री के ‘क्राइम हो सकता है, अपराध नहीं’ वाले बयान ने विकास परियोजनाओं की बैठकों के बीच बिहार की राजनीति में अलग बहस छेड़ दी है। तेजस्वी यादव और जन सुराज की प्रतिक्रियाओं के बाद अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री अपने बयान का संदर्भ और अर्थ किस तरह स्पष्ट करते हैं। वहीं, विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर सरकार का जवाब भी अहम होगा।
बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था का मुद्दा अब एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में है।
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