गया: बिहार में भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गया शहर में जमीन की मापी के बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराने के एवज में 7 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में दो सरकारी अमीन को गिरफ्तार किया गया है। पटना से पहुंची निगरानी विभाग की टीम ने मंगलवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एपीआर मॉल के समीप दोनों को कथित तौर पर रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ पटना ले गई, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार अमीनों के नाम अविनाश कुमार और दीपू कुमार बताए जा रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट में एक स्थान पर दूसरे अमीन का नाम अभिषेक कुमार भी लिखा गया है। ऐसे में दूसरे आरोपी के नाम की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
ऑनलाइन आवेदन के बाद भी रिश्वत की मांग का आरोप
मामला जमीन की मापी और उसकी रिपोर्ट से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, रोहित कुमार ने अपनी जमीन की मापी कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि मापी की प्रक्रिया के बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराने के बदले दोनों अमीन उनसे 7 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर रोहित कुमार ने पटना स्थित निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और सबसे पहले आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत की पुष्टि होने के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना बनाई गई।
एपीआर मॉल के पास निगरानी टीम ने बिछाया जाल
मंगलवार को पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने गया शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एपीआर मॉल के समीप कार्रवाई की। इसी दौरान दोनों अमीन को 7 हजार रुपये की कथित रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई के बाद इलाके में कुछ देर के लिए हलचल देखी गई। निगरानी टीम दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अपने साथ लेकर पटना रवाना हो गई। फिलहाल उनके पदस्थापन स्थल, आवास और अन्य विभागीय जानकारियों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
निगरानी विभाग ने की गिरफ्तारी की पुष्टि
निगरानी विभाग पटना के डीएसपी वसीम फिरोज ने बताया कि रोहित कुमार ने दो अमीन द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आलोक में पहले सत्यापन कराया गया और उसके बाद कार्रवाई की गई। दोनों को 7 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। डीएसपी के अनुसार, निगरानी विभाग की टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
सरकारी काम के लिए रिश्वत मांगने का मामला फिर चर्चा में
जमीन की मापी और रिपोर्ट जैसे जरूरी सरकारी कार्य के लिए रिश्वत मांगने का यह मामला एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े करता है। आम लोगों को जमीन संबंधी काम के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी जा रही है, लेकिन इस मामले में रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है।
अब निगरानी विभाग की आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि दोनों अमीन कहां पदस्थापित थे और इस मामले में अन्य कोई व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। फिलहाल दोनों की गिरफ्तारी के बाद विभागीय और कानूनी कार्रवाई जारी है।
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