मोतिहारी: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जुड़े एक कथित अपहरण के वीडियो को सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे के साथ पोस्ट करने के मामले में मोतिहारी साइबर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र निवासी मनीष कुमार दास के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर उसे बिहार की कानून-व्यवस्था से जोड़ रहा था। जांच में वीडियो को स्क्रिप्टेड यानी पहले से तैयार किया गया बताया गया है। पुलिस ने आरोपी को मोतिहारी बापूधाम रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। उसके पास से पोस्ट करने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
लड़की के अपहरण का बताकर शेयर किया गया था वीडियो
मामला सोशल मीडिया पर वायरल एक ऐसे वीडियो से जुड़ा है, जिसमें एक लड़की को पुल के पास से जबरन उठाकर कार में बैठाते हुए दिखाया गया था। आरोप है कि इस वीडियो को बिहार की घटना बताकर फेसबुक पर साझा किया गया और उसके साथ बिहार में जंगलराज जैसे दावे किए गए।
पोस्ट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शासन का जिक्र करते हुए सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे। पोस्ट में यह भी दावा किया गया था कि यदि ऐसी घटना मुख्यमंत्री के परिवार के साथ होती तो तुरंत कार्रवाई होती। हालांकि, वीडियो की वास्तविकता और उसके बिहार से संबंध को लेकर साइबर पुलिस ने जांच की।
IPRD के माध्यम से साइबर पुलिस तक पहुंचा मामला
जानकारी के अनुसार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के माध्यम से यह मामला मोतिहारी साइबर पुलिस के संज्ञान में आया। इसके बाद साइबर डीएसपी प्रतिश कुमार के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। पुलिस ने वीडियो के साथ-साथ उसे पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट की भी पड़ताल की।
जांच के दौरान फेसबुक पर मनीष कुमार दास के नाम से संचालित आईडी की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, पोस्ट में इस्तेमाल वीडियो का मूल स्रोत इंस्टाग्राम की यूजर आईडी ‘isa007stunt’ पाया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह अकाउंट पश्चिम बंगाल से जुड़ा है।
साइबर पुलिस की प्रारंभिक जांच में वीडियो पूरी तरह स्क्रिप्टेड पाया गया। पुलिस का कहना है कि वीडियो को उसके वास्तविक संदर्भ से अलग करके बिहार की घटना के रूप में पेश किया गया था।
ट्रेन से भागने की तैयारी में था युवक, स्टेशन से गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मनीष कुमार दास की पहचान होने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। इसी बीच सूचना मिली कि वह मोतिहारी रेलवे स्टेशन पहुंचा है और ट्रेन से कहीं जाने की तैयारी में है। इसके बाद साइबर थाना की टीम बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने वह मोबाइल फोन भी बरामद किया, जिससे फेसबुक आईडी संचालित किए जाने की बात सामने आई है। अब पुलिस मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
साइबर डीएसपी ने क्या बताया?
मोतिहारी साइबर डीएसपी प्रतिश कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया वीडियो भ्रामक और तथ्यहीन पाया गया है। जांच में वीडियो स्क्रिप्टेड होने की बात सामने आई है। मामला संज्ञान में आते ही वीडियो और संबंधित फेसबुक आईडी की जांच कराई गई। इसके बाद आईडी संचालित करने वाले मनीष कुमार दास को बापूधाम रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।
डीएसपी के अनुसार, इस मामले में मोतिहारी साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट की सच्चाई जांचना जरूरी
इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दावों की सत्यता जांचने की जरूरत को सामने रखा है। किसी दूसरे स्थान पर बनाए गए वीडियो को बिना संदर्भ के किसी राज्य या घटना से जोड़कर साझा करने से लोगों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है।
फिलहाल मोतिहारी साइबर पुलिस गिरफ्तार युवक के मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
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