पटना: बिहार की राजधानी पटना में गैरेज संचालक हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में कल्याण बिगहा रोड स्थित नमो गंगा प्रोजेक्ट के पास हुई इस कार्रवाई में हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे सौरभ सिंह के बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस मामले में कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी बाढ़ के एसडीपीओ-2 आयुष श्रीवास्तव ने दी है।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। वहीं, गैरेज संचालक की हत्या के पीछे कथित तौर पर 20 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने का एंगल सामने आया है। पुलिस इस दावे, हथियारों की बरामदगी और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
हथियार छिपाए जाने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के कल्याण बिगहा रोड पर नमो गंगा प्रोजेक्ट के पास हथियार छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर छापेमारी करने पहुंची।
इसी दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी की ओर से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई। इस कार्रवाई में सौरभ सिंह के बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।
घायल आरोपी को पहले कल्याण बिगहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। पुलिस की निगरानी में उसका उपचार कराया जा रहा है।
गोली लगने के बाद पुलिस से करने लगा रहम की गुहार
रिपोर्ट के अनुसार, गोली लगने के बाद घायल आरोपी पुलिसकर्मियों से रहम की गुहार लगाने लगा। वह बार-बार कह रहा था, “अब नहीं… बाप, अब और नहीं…” इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के मुताबिक, गोली उसके बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी है। मुठभेड़ के दौरान क्या-क्या हुआ, इस संबंध में पुलिस अधिकारियों के बयान और जांच से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की जानकारी सामने आ सकती है।
गैरेज संचालक अंजनी कुमार हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया
इस पूरे मामले की कड़ी रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के भूपतिपुर में हुई गैरेज संचालक अंजनी कुमार की हत्या से जुड़ी है। अंजनी कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस सौरभ सिंह को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बता रही है।
जांच के दौरान पुलिस के सामने कथित तौर पर बिल्डर से 20 लाख रुपये की सुपारी लेकर हत्या किए जाने का मामला आया है। हालांकि, सुपारी से जुड़े आरोपों और इसमें शामिल बताए जा रहे लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हत्या की कथित साजिश कैसे रची गई, आरोपियों के बीच क्या संपर्क थे और घटना में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
एसडीपीओ ने बताया कैसे हुई मुठभेड़
बाढ़ के एसडीपीओ-2 आयुष श्रीवास्तव के मुताबिक, गैरेज संचालक हत्याकांड में 24 अक्टूबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस को बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में हथियार छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली।
पुलिस टीम जब नमो गंगा प्रोजेक्ट के पास कार्रवाई करने पहुंची, तो आरोपियों की ओर से फायरिंग किए जाने की बात सामने आई। एसडीपीओ के अनुसार, रामकृष्ण नगर थाने की टीम की गाड़ी की हेडलाइट के नीचे गोली लगी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
एसडीपीओ ने बताया कि एसआई पूजा कुमारी की ओर से चलाई गई गोली सौरभ कुमार के बाएं पैर में लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए पटना भेजा। इस कार्रवाई में हत्याकांड के मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी गई है।
हथियारों और कारतूसों की बरामदगी
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में घटनास्थल से दो पिस्तौल, दो मैगजीन और 14 जिंदा कारतूस मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा आरोपियों के पास से कुल पांच पिस्तौल और 50 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है।
बरामदगी के अलग-अलग आंकड़ों और हथियारों के स्रोत की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन घटनाओं में हुआ और इन्हें कहां से लाया गया था।
आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, सौरभ सिंह पटना के कंकड़बाग स्थित पत्रकार नगर इलाके का रहने वाला है। उसके खिलाफ दो हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े दो मामलों में दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
अब पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। साथ ही, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किन लोगों के संपर्क में था और कथित तौर पर हथियार जुटाने तथा उन्हें छिपाने में किसने मदद की।
पुलिस खंगाल रही कथित आपराधिक नेटवर्क
गैरेज संचालक अंजनी कुमार की हत्या, कथित सुपारी के लेन-देन और हथियारों की बरामदगी को लेकर पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के संपर्कों और संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल, सौरभ सिंह का इलाज जारी है और पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। हत्याकांड में कथित सुपारी की भूमिका, बरामद हथियारों का इस्तेमाल और अन्य आरोपियों की संलिप्तता जैसे सवाल जांच के केंद्र में हैं।
पटना के इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस कथित 20 लाख रुपये की सुपारी, हथियारों के स्रोत और हत्याकांड से जुड़े पूरे नेटवर्क पर है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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