किशनगंज/मुंबई: महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के मामले में बिहार के एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर (33 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत भनकरद्वारी गांव का निवासी बताया जा रहा है। गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और युवक के परिवार तथा उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
ETV भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई ATS की कालाचौकी यूनिट ने गुप्त सूचना के आधार पर हसन को माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथी विचारों का प्रचार कर रहा था और लोगों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, इन आरोपों की जांच जारी है और मामले में अदालत से दोष सिद्ध होने की जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
किशनगंज के गांव से जुड़ा है आरोपी का परिवार
रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद हसन मूल रूप से किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित भनकरद्वारी गांव का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसके घर तथा परिवार से संबंधित जानकारियां जुटाने में लगी हैं। जांच के तहत उसके रहने, काम करने और संपर्कों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
परिवार के सदस्यों ने हसन को फंसाए जाने की आशंका जताई है। परिजनों के मुताबिक, हसन कुल छह भाइयों में से एक है। उसके तीन भाई ठेकेदारी का काम करते हैं, जबकि सबसे छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार का कहना है कि हसन लंबे समय से गांव से दूर रह रहा था और उसके साथ संपर्क भी सीमित था।
पढ़ाई को लेकर बड़े भाई ने डांटा, फिर छोड़ दिया घर
हसन की भाभी के मुताबिक, वह पहले दिल्ली में अपने बड़े भाई के साथ रहता था। पढ़ाई को लेकर बड़े भाई की डांट से नाराज होने के बाद वह मुंबई चला गया। वहां उसके दो चचेरे भाई भी रहते हैं। भाभी के अनुसार, मुंबई पहुंचने के बाद हसन ने राइडर और इत्र विक्रेता के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था।
परिवार का कहना है कि मुंबई जाने के बाद काफी समय तक हसन ने घरवालों से संपर्क नहीं किया। बाद में उसके भाई ने किसी तरह उसका मोबाइल नंबर पता किया और उससे बातचीत शुरू की। भाई ने उसे बताया कि उसकी मां उसे बहुत याद करती हैं। इसके बाद हसन कभी-कभार फोन पर परिवार से बात करने लगा था।
हालांकि, परिवार की ओर से बताई गई इन बातों से उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खंडन नहीं होता। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
दो साल पहले गांव आया था हसन
परिजनों के मुताबिक, हसन करीब दो साल पहले अपने गांव आया था। परिवार ने बताया कि उससे आखिरी बार रमजान के दौरान बातचीत हुई थी। स्थानीय जिला परिषद सदस्य फैजान अहमद ने भी कहा कि हसन लगभग दो वर्ष पहले गांव में दिखाई दिया था, लेकिन गांव में उसका लोगों से खास संपर्क नहीं था।
जिला परिषद सदस्य के अनुसार, हसन की गिरफ्तारी की जानकारी उसके भाई से मिली। ग्रामीणों के पास भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, क्योंकि वह लंबे समय से गांव से बाहर रह रहा था और स्थानीय लोगों के साथ उसका संपर्क सीमित था।
सोशल मीडिया पर प्रचार करने का आरोप
महाराष्ट्र ATS की जांच के मुताबिक, हसन पर सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिए कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों का प्रचार करने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि वह सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करने सहित ‘जिहाद करो’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
जांच एजेंसी इन गतिविधियों और कथित संबंधों की पड़ताल कर रही है। इस मामले में आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। गिरफ्तारी के बाद जांच में सामने आने वाले तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
गिरफ्तारी के बाद बिहार में सतर्कता
मुंबई में गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद किशनगंज में स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और संबंधित एजेंसियां युवक के परिवार, उसके गांव से जुड़े विवरण और अन्य आवश्यक जानकारियां जुटा रही हैं।
फिलहाल, इस मामले में सबसे अहम सवाल यही हैं कि सोशल मीडिया पर कथित गतिविधियों के संबंध में जांच एजेंसियों के पास क्या साक्ष्य हैं, युवक के संपर्क किन लोगों से थे और जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं। इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल मोहम्मद हसन पर लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। परिवार ने उसे फंसाए जाने की आशंका जताई है, जबकि ATS का दावा है कि उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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