मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती की तस्वीरों का इस्तेमाल कर AI की मदद से अश्लील वीडियो और तस्वीरें तैयार की गईं और फिर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इतना ही नहीं, कथित तौर पर ये तस्वीरें और वीडियो युवती के रिश्तेदारों तथा उसके होने वाले ससुराल वालों को भी भेजे गए। इस घटना के बाद युवती की तय शादी टूट गई। पीड़ित परिवार ने मामले में पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
AI से बनाई गईं फर्जी तस्वीरें और वीडियो
मामला मुजफ्फरपुर जिले के बेला थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवती की छवि खराब करने और उसकी शादी तुड़वाने के इरादे से कथित तौर पर फर्जी अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार किए गए।
आरोप है कि इन आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। इसके अलावा युवती के रिश्तेदारों और उसके मंगेतर के परिवार तक भी इन्हें पहुंचाया गया। इस घटना से पीड़ित परिवार को सामाजिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
रिश्ता टूटने से परिवार को लगा झटका
रिपोर्ट के अनुसार, युवती की शादी तय हो चुकी थी। लेकिन कथित अश्लील तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लड़के पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया। इससे युवती और उसके परिवार को बड़ा झटका लगा।
परिवार का आरोप है कि यह सब युवती को बदनाम करने और उसका रिश्ता तुड़वाने की साजिश के तहत किया गया। हालांकि, इस कथित साजिश के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वर्ष 2023 से जुड़ा है मामला
प्राथमिकी में दर्ज विवरण के अनुसार, वर्ष 2023 में युवती पीजी की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान कथित तौर पर उसकी तस्वीरें और वीडियो हासिल किए गए थे। आरोप है कि बाद में AI टूल्स की मदद से उनमें बदलाव कर आपत्तिजनक सामग्री तैयार की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि युवती की तस्वीर का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाई गई। इस प्रोफाइल के जरिए आपत्तिजनक सामग्री और संवाद के स्क्रीनशॉट प्रसारित किए गए। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
चार सगे भाई-बहनों के खिलाफ प्राथमिकी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले चार सगे भाई-बहनों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से कथित सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित फर्जी सामग्री किसने तैयार की, उसे किन लोगों तक पहुंचाया गया और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में किसकी भूमिका रही।
IT एक्ट के तहत कार्रवाई, जांच जारी
पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है और आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
यह मामला एक बार फिर AI से तैयार की जा सकने वाली फर्जी तस्वीरों और वीडियो के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। किसी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसे बदनाम करने या निजी जीवन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश गंभीर मामला है। फिलहाल, आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।
ये खबर भी पढ़े: इश्क की जिद में रेलवे टावर पर चढ़ी शादीशुदा महिला; प्रेमी से कोर्ट मैरिज की मांग पर सिवान स्टेशन में हाई-वोल्टेज ड्रामा!