पटना: राजधानी के बापू सभागार में शनिवार को मंचित हुए चर्चित नाटक ‘हमारे राम’ के दौरान राजनीति और संस्कृति का दिलचस्प संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रोटोकॉल से हटकर ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे आयोजन को चर्चा में ला दिया।
दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद सीएम मंच से सीधे VIP सीट की ओर नहीं गए, बल्कि अचानक अपना रास्ता बदलकर दर्शकों के बीच जाकर बैठ गए। आम लोगों के बीच बैठे मुख्यमंत्री का यह अंदाज़ हर किसी को चौंका गया। हालांकि, नाटक शुरू होने से ठीक पहले वे वहां से निकल भी गए।
वहीं, इस कार्यक्रम में तेज प्रताप यादव भी चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने मंच पर जाने के बजाय VIP सीट पर बैठकर पूरा नाटक देखा। दिलचस्प बात यह रही कि वे कई बार मुख्यमंत्री के लिए खाली पड़ी कुर्सी की ओर देखते नजर आए।
क्या आमना-सामना टालने की कोशिश?
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि जैसे ही मुख्यमंत्री की नजर तेज प्रताप यादव पर पड़ी, उन्होंने मंच से नीचे उतरकर अपनी निर्धारित सीट की बजाय पीछे जाकर बैठना बेहतर समझा। हालांकि, इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
नाटक बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का केंद्र रहा अभिनेता आशुतोष राणा का भव्य नाट्य मंचन ‘हमारे राम’। भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित इस प्रस्तुति में राम, सीता और रावण के विभिन्न प्रसंगों को भावनात्मक और भव्य अंदाज़ में पेश किया गया।
नाटक की शुरुआत मां सीता के पृथ्वी में समाहित होने के दृश्य से होती है, जहां लव-कुश भगवान राम से सवाल करते हैं। वहीं, रावण के किरदार में आशुतोष राणा का शिव तांडव और संवाद अदायगी दर्शकों को बांधे रखती है।
भक्ति, भाव और संदेश
नाटक में नारी सम्मान, धर्म और मानवता के मूल्यों को भी प्रमुखता से दिखाया गया। जटायु प्रसंग और राम-रावण संवाद ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
राम की भूमिका में राहुल भुच्चर, हनुमान के रूप में दानिश अख्तर, शिव के किरदार में तरुण खन्ना और सीता के रूप में हरलीन कौर रेखी ने शानदार अभिनय किया।
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