पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने राज्य के विकास और नए कानूनों को लेकर बड़ा खाका पेश किया। उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। इस अनुपूरक बजट का आकार 87,383.43 करोड़ रुपये है।
सरकार ने इस सत्र में कुल 13 विधेयक पेश करने की तैयारी की है। इनमें से कई ऐसे विधेयक हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों, कारोबारियों और जमीन से जुड़े मामलों पर पड़ेगा।
सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी को लेकर किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार अब मोबाइल या कंप्यूटर में सट्टेबाजी से जुड़े ऐप रखना भी अपराध की श्रेणी में आएगा।
ऑनलाइन सट्टेबाजी पर सख्त कानून
प्रस्तावित बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक के तहत ऑनलाइन जुआ, सट्टा, मटका और भाग्य आधारित गेमिंग गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है।
पहली बार ऑनलाइन जुआ खेलते पकड़े जाने पर 1 से 3 साल तक की सजा और 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं दोबारा पकड़े जाने पर सजा बढ़ाकर 7 साल तक की जा सकती है।
सरकार का कहना है कि युवाओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की लत से बचाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
कृषि भूमि पर उद्योग लगाने की प्रक्रिया होगी आसान
सरकार ने उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कृषि भूमि के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी की है।
कृषि भूमि सम्परिवर्तन विधेयक के तहत अब खेती वाली जमीन को व्यावसायिक उपयोग में बदलने की प्रक्रिया आसान होगी। इससे उद्योग लगाने वाले लोगों को कम कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जमीन के दाखिल-खारिज पर लगेगा शुल्क
बिहार में अब तक जमीन के म्यूटेशन यानी दाखिल-खारिज की प्रक्रिया मुफ्त थी, लेकिन नए संशोधन के बाद इसके लिए 200 रुपये शुल्क देना होगा।
सरकार का कहना है कि इससे राजस्व बढ़ेगा और भविष्य में जरूरत के अनुसार शुल्क में बदलाव किया जा सकता है।
जमीन की गलत कीमत बताने वालों पर कार्रवाई
भारतीय स्टाम्प बिहार संशोधन विधेयक के तहत जमीन की वास्तविक कीमत छिपाकर रजिस्ट्री कराने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
अब निबंधन अधिकारियों को संपत्ति के सही बाजार मूल्य का निर्धारण करने के लिए ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे, जिससे राजस्व चोरी पर रोक लगाई जा सके।
सरकार की प्राथमिकता में रोजगार और विकास
अनुपूरक बजट में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, आधारभूत संरचना और विकास योजनाओं को प्राथमिकता दी है।
सरकार का दावा है कि नए कानून और बजट प्रावधान बिहार को निवेश के लिए बेहतर राज्य बनाने और 2047 तक विकसित राज्य के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: बिहार में वाहन खरीदना अब महंगा, बाइक-स्कूटी से लेकर कार-ट्रक तक बढ़ा टैक्स, 23 जुलाई से जेब पर पड़ेगा असर!