पटना: कहीं हाथों में माला, कहीं कान्हा के जयकारे… और कहीं मंच से गूंजते भक्ति गीतों पर झूमती भीड़। शुक्रवार को पटना में जन्माष्टमी का नजारा कुछ ऐसा रहा कि मंदिर से लेकर मंच तक कृष्ण भक्ति का अलग-अलग रंग दिखाई दिया।
इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की करीब 1 किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन बनाई गई थी। शाम तक मंदिर के बाहर हजारों श्रद्धालु जुट चुके थे।
लेकिन पटना की जन्माष्टमी सिर्फ मंदिर तक सीमित नहीं रही। मिलर स्कूल ग्राउंड में कृष्ण महोत्सव ने भक्ति को संगीत और सांस्कृतिक उत्सव से जोड़ दिया।
जब ‘तू राधा मैं कान्हा बन जाऊं’ पर झूम उठा मैदान
कृष्ण महोत्सव में सिंगर बी प्राक और भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने प्रस्तुति दी। बी प्राक के भजनों पर श्रद्धालु और युवा जमकर झूमे।
‘राधे-राधे गोविंद, राधे-राधे’ की गूंज के बीच जब ‘तू राधा मैं कान्हा बन जाऊं’ की धुन छिड़ी तो माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
अक्षरा सिंह ने भी मंच से प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। बड़ी संख्या में युवा उन्हें और बी प्राक को सुनने के लिए पहुंचे।
एक ही शहर में भक्ति के दो रंग
पटना की जन्माष्टमी में इस बार एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली—इस्कॉन में श्रद्धालु दर्शन और कीर्तन में डूबे थे, तो मिलर ग्राउंड में संगीत के जरिए कृष्ण भक्ति का उत्सव मनाया जा रहा था।
यानी एक तरफ मंदिर की कतार में शांत भाव से भगवान के दर्शन का इंतजार और दूसरी तरफ मंच के सामने भजनों पर थिरकती भीड़—जन्माष्टमी ने पटना में भक्ति के दोनों रंग एक साथ दिखा दिए।
VIP पहुंचे तो आम भक्तों की भी रही लंबी कतार
इस्कॉन मंदिर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत कई प्रमुख लोगों ने पूजा-अर्चना की।
राज्यपाल ने राधा-कृष्ण की आरती और जलाभिषेक किया, जबकि मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के साथ आरती की। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राधा-कृष्ण का अभिषेक किया और भजन-कीर्तन में भी शामिल हुए।
108 चांदी के कलश, 56 भोग और फूलों से सजा मंदिर
इस्कॉन मंदिर में रात 11 बजे से मुख्य पूजा का आयोजन रखा गया है। 108 चांदी के कलश से भगवान का विशेष अभिषेक किया जाएगा। मंदिर में 56 भोग की भी व्यवस्था है।
मंदिर को सजाने के लिए अलग-अलग जगहों से फूल मंगाए गए हैं। करीब 8 टन फूलों से सजावट और फूल बंगला भक्तों के लिए खास आकर्षण बना है।
भीड़ पर CCTV और AI की नजर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। मंदिर में 150 से अधिक कैमरों से निगरानी की जा रही है और भीड़ प्रबंधन में AI तकनीक की मदद लिए जाने की जानकारी मंदिर प्रबंधन ने दी है।
श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास को अलग तरीके से व्यवस्थित किया गया है, ताकि भीड़ ज्यादा देर तक एक जगह जमा न हो।
पटना से पूरे बिहार तक कृष्ण नाम की गूंज
जन्माष्टमी का उत्साह सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहा। गोपालगंज, सीतामढ़ी, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, पूर्णिया और बिहारशरीफ समेत कई जिलों में मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पटना में इस बार जन्माष्टमी की सबसे बड़ी तस्वीर यही रही—एक तरफ भगवान के दर्शन के लिए किलोमीटर लंबी कतार और दूसरी तरफ कृष्ण भक्ति के गीतों पर झूमता जनसमूह।
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