पटना: जन्माष्टमी के मौके पर पटना के इस्कॉन मंदिर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक अलग अंदाज देखने को मिला। पूजा के दौरान पुजारी ने उन्हें गुलाब का फूल दिया तो उन्होंने फूल अपने पास रखने के बजाय वापस कर दिया। माला पहनाने की कोशिश हुई तो उन्होंने माला भी नहीं पहनी।
इसके बाद पूजा के दौरान एक ऐसा पल आया, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। पुजारी ने नीतीश कुमार को चरणामृत देने के लिए चम्मच आगे बढ़ाई। नीतीश कुमार ने चम्मच अपने हाथ में ले ली और कुछ देर बाद उसी चम्मच से पुजारी की ओर चरणामृत बढ़ाने लगे। इस पूरे घटनाक्रम को देखकर पुजारी मुस्कुराते नजर आए।
मुकुट खुद नहीं पहना, साथ खड़े नेताओं को पहना दिया
पूजा के दौरान पुजारी ने नीतीश कुमार को आशीर्वाद स्वरूप मुकुट पहनाने की कोशिश की। नीतीश कुमार ने खुद मुकुट पहनने के बजाय उसे अपने साथ मौजूद नेताओं की ओर बढ़ा दिया।
पहले उन्होंने साथ खड़े एक नेता को मुकुट पहनाया और इसके बाद पीछे मौजूद दूसरे नेता की ओर बढ़ गए। यानी जो मुकुट उनके सिर पर रखा जाना था, वह उनके हाथों से दूसरे नेताओं के सिर तक पहुंच गया।
पूजा के बाद सभा वाले अंदाज में किया अभिवादन
मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नीतीश कुमार आगे बढ़े तो वहां मौजूद लोगों की ओर देखकर हाथ उठाकर अभिवादन करने लगे। उनका यह अंदाज राजनीतिक सभाओं में लोगों का अभिवादन करने के उनके अंदाज से मिलता-जुलता नजर आया।
इसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर वहां मौजूद लोगों को प्रणाम किया।
संजय झा भी रहे साथ
नीतीश कुमार शाम करीब 4 बजे पटना के इस्कॉन मंदिर पहुंचे थे। उनके साथ JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा भी मौजूद थे।
मंदिर में दोनों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान नीतीश कुमार के अलग-अलग व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
अस्पताल में भी दिखा था ऐसा ही अंदाज
नीतीश कुमार का ऐसा ही एक अलग अंदाज हाल में मेडिवर्सल अस्पताल में भी देखने को मिला था। रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सिस्टम के उद्घाटन के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
डॉक्टर निशिकांत जब उन्हें अंगवस्त्र पहना रहे थे, तो नीतीश कुमार ने उल्टा उनके ही गले में अंगवस्त्र डाल दिया। बाद में डॉक्टर उसे हटाने लगे तो नीतीश कुमार ने कहा कि इसे हटाइए मत, रखिए। इस पर वहां मौजूद लोग हंसने लगे थे।
जन्माष्टमी पर इस्कॉन मंदिर का यह वीडियो अब इसलिए चर्चा में है, क्योंकि पूजा की रस्मों के बीच नीतीश कुमार का अंदाज सामान्य औपचारिकता से बिल्कुल अलग दिखाई दिया—फूल लौटाया, माला नहीं पहनी, मुकुट खुद नहीं लगाया और चरणामृत की चम्मच लेकर पुजारी की ओर ही बढ़ा दी।
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