लखीसराय: लखीसराय के लाल इंटरनेशनल स्कूल में इस बार शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति और प्रकृति का सुंदर संगम देखने को मिला, जहां ‘आमोत्सव पर्व’ और आद्रा नक्षत्र के समापन अवसर को खास अंदाज में मनाया गया।
स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को सिर्फ किताबों की पढ़ाई तक सीमित न रखते हुए उन्हें भारतीय परंपराओं और कृषि संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की। इस अवसर पर बच्चों को बताया गया कि आद्रा नक्षत्र भारतीय ज्योतिष में वर्षा और खेती के लिए कितना महत्वपूर्ण माना जाता है और इसका सीधा संबंध किसान जीवन से जुड़ा है।
कार्यक्रम में भगवान शिव और प्रकृति से अच्छी बारिश और बेहतर फसल की कामना की गई। सबसे खास बात यह रही कि पारंपरिक प्रसाद के रूप में खीर, दाल-पूरी, सब्जी, दही और आम की आकर्षक थाली परोसी गई, जिसने बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी खासा आकर्षित किया।
स्कूल डायरेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि प्रकृति, परंपरा और भारतीय संस्कृति की गहरी समझ देना है। उन्होंने कहा कि आद्रा नक्षत्र को वर्षा का प्रतीक माना जाता है और यह किसानी जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
पूरा माहौल उत्सव, संस्कृति और ज्ञान का अनोखा संगम बन गया, जहां बच्चों ने न सिर्फ सीखा बल्कि भारतीय परंपरा का स्वाद भी महसूस किया।
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