पटना: पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव से पहले सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर रेखा गुप्ता पर दांव खेलते हुए साफ संकेत दे दिया है कि इस सीट को लेकर पार्टी कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की घोषणा के साथ ही रेखा गुप्ता आधिकारिक तौर पर मैदान में उतर गईं—और आते ही उन्होंने जीत का दावा भी ठोक दिया। उनका कहना है कि पिछली बार भी तमाम चुनौतियों के बावजूद जनता का समर्थन मिला था, और इस बार वह समर्थन और मजबूत होगा।
रेखा गुप्ता ने चुनावी माहौल को सीधा “विश्वास बनाम मौका” की लड़ाई बताते हुए जनता से भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि “एक पार्टी को 40 साल मौका मिला, अब एक महिला को सिर्फ 4 साल देकर देखिए, भरोसा नहीं टूटेगा।” यह बयान साफ तौर पर वोटरों को नया विकल्प देने की कोशिश माना जा रहा है।
प्रशांत किशोर की पार्टी पर भी उन्होंने निशाना साधा। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि “रणनीतिकार और नेता में फर्क होता है,” और इशारों-इशारों में बता दिया कि जमीनी राजनीति और चुनावी रणनीति अलग चीजें हैं।
इस बीच बीजेपी पर भी उन्होंने सीधा हमला बोला और दावा किया कि इस बार मुकाबले में बीजेपी पीछे रहने वाली है।
बांकीपुर का यह उपचुनाव अब सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि सियासी प्रतिष्ठा की जंग बनता जा रहा है—जहां एक तरफ पुरानी पकड़ है, तो दूसरी तरफ बदलाव का दावा। अब देखना यह होगा कि जनता “अनुभव” पर भरोसा करती है या “नए मौके” को चुनती है।
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