किशनगंज: किशनगंज से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जहां प्यार ने भरोसे को नहीं, बल्कि एक ज़िंदगी को खत्म कर दिया। जिस घर में पति की मौत पर सबसे ज्यादा चीख-पुकार मची थी, वहीं से इस हत्याकांड की असली पटकथा लिखी गई थी—और वो भी उसी शख्स ने, जिस पर सबसे ज्यादा भरोसा था।
विशनपुर थाना क्षेत्र में रिजवान आलम की हत्या पहले एक साधारण चोरी की वारदात लग रही थी। घर बिखरा हुआ था, सामान गायब था और पत्नी डेजी परवीन का रो-रोकर बुरा हाल था। लेकिन पुलिस को कुछ तो गड़बड़ लगा। बार-बार बदलते बयान और कॉल रिकॉर्ड की परतें खुलीं तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने सभी को चौंका दिया।
पता चला कि डेजी परवीन का अपने से करीब 10 साल छोटे युवक अनवर हुसैन से लंबे समय से प्रेम संबंध था। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन कहानी तब बदली जब रिजवान कुवैत से वापस घर लौट आया। पति की मौजूदगी दोनों के रिश्ते में रुकावट बनने लगी। मुलाकातें कम हुईं, बेचैनी बढ़ी—और फिर एक खौफनाक फैसला लिया गया।
साजिश तैयार हुई। एक रात, जब रिजवान गहरी नींद में था, घर का दरवाजा खुला छोड़ा गया। तय समय पर प्रेमी अंदर आया और लोहे के रॉड से सोते हुए रिजवान पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। सब कुछ मिनटों में खत्म हो गया।
इसके बाद शुरू हुआ धोखे का दूसरा चेहरा—कमरे को अस्त-व्यस्त किया गया, चोरी की कहानी गढ़ी गई, सबूत मिटाने की कोशिश हुई। लेकिन सच ज्यादा देर छुप नहीं पाया। पुलिस की सख्ती और तकनीकी जांच ने इस “परफेक्ट प्लान” को तोड़ दिया।
अब पत्नी और प्रेमी दोनों सलाखों के पीछे हैं। एक सवाल पीछे छूट गया है—क्या यह सिर्फ एक हत्या थी, या भरोसे के टूटने की सबसे खतरनाक मिसाल?
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: रामगढ़ में DC का अचानक छापा, पेंशन फाइलों पर सख्त एक्शन!