पटना में इस बार शादी करना सिर्फ बैंड-बाजा और बारात तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब गैस सिलिंडर लेने के लिए भी “इंटरव्यू” पास करना पड़ेगा। जी हां, राजधानी पटना में जिला प्रशासन ने वैवाहिक समारोहों के लिए कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिससे शादी के सीजन में एक नया ट्विस्ट जुड़ गया है।
अब शादी के नाम पर कमर्शियल सिलिंडर लेने के लिए केवल आवेदन देना काफी नहीं होगा। आवेदक को अपने शादी कार्ड की सत्यता साबित करनी होगी, मेहमानों की संख्या बतानी होगी और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कहीं वह इस सुविधा का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहा। संबंधित एसडीओ खुद आवेदक से मिलकर इन सभी पहलुओं की जांच करेंगे, जिसे लोग मजाक में “गैस का इंटरव्यू” कह रहे हैं।
प्रशासन की इस सख्ती के पीछे बड़ी वजह भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति मांग के मुकाबले काफी कम है। उपलब्ध गैस का बड़ा हिस्सा होटल, रेस्तरां और स्ट्रीट वेंडर्स को दिया जाता है, जबकि शादी-विवाह के लिए सीमित सिलिंडर ही बचते हैं। ऐसे में फर्जी शादी कार्ड छपवाकर या मेहमानों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर सिलिंडर लेने और उसकी कालाबाजारी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
एडीएम आपूर्ति आरके दिवाकर के अनुसार, इस नई व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक जरूरतमंदों को ही गैस मिले और कोई भी व्यक्ति इसका दुरुपयोग न कर सके। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई फर्जीवाड़ा करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ Essential Services Maintenance Act यानी एस्मा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब हालात ऐसे हैं कि शादी की तैयारी में लगे परिवारों को मेन्यू और गेस्ट लिस्ट के साथ-साथ गैस सिलिंडर की भी “प्लानिंग” करनी पड़ रही है। 19 किलो वाले एक कमर्शियल सिलिंडर की कीमत 2353.50 रुपये है, वहीं प्रति सिलिंडर करीब 2400 रुपये सिक्योरिटी के तौर पर जमा करने होंगे, जो सिलिंडर वापस करने पर लौटा दिए जाएंगे।
कैटरर्स के लिए भी यह नियम नई चुनौती बनकर आया है। अब उन्हें जीएसटी या खाद्य सुरक्षा विभाग से पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पंजीकरण के उन्हें गैस सिलिंडर नहीं मिलेगा, जिससे कई छोटे कैटरर्स परेशान नजर आ रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
अब तक 125 लोगों ने शादी के लिए कमर्शियल सिलिंडर का आवेदन किया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि गैस कंपनियों को यह तय करने की छूट दी गई है कि वे उपलब्धता के आधार पर कितने सिलिंडर देंगे।
कुल मिलाकर, पटना में इस बार शादी का मतलब सिर्फ रिश्ते तय करना नहीं, बल्कि गैस सिलिंडर के लिए भी “पात्रता परीक्षा” पास करना है। ऐसे में शहर में यह चर्चा जोरों पर है कि अब बारात से पहले “इंटरव्यू क्लियर” करना जरूरी हो गया है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar News : घर बैठे जमीन गायब, लखीसराय में ऐसा खेल… सुनकर आप भी चौंक जाएंगे!