देवघर: राजकीय श्रावणी मेला-2026 में आने वाले श्रद्धालुओं को अब बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन के साथ झारखंड की संस्कृति, अध्यात्म और पर्यटन की झलक भी एक ही परिसर में देखने को मिलेगी। देवघर के शिवलोक परिसर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से तैयार की गई जीवंत प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रही है।

गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने संयुक्त रूप से शिवलोक परिसर में जीवंत प्रदर्शनी का शुभारंभ फीता काटकर किया। इस दौरान उपायुक्त ने प्रदर्शनी में बनाई गई विभिन्न कलाकृतियों, बाबा मंदिर के दिव्य प्रारूप, झारखंड की संस्कृति और भगवान शिव के अलग-अलग स्वरूपों को दर्शाने वाली झांकियों का अवलोकन किया और कलाकारों के कार्यों की सराहना की।

उपायुक्त ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा, सुरक्षा और भक्तिमय वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। शिवलोक परिसर को इस उद्देश्य से विकसित किया गया है, जहां श्रद्धालु आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का अनूठा संगम अनुभव कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि शिवलोक परिसर में बाबा बैद्यनाथ धाम के इतिहास से जुड़ी प्रदर्शनी के साथ-साथ शाम के समय भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को देवघर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

परिसर में झारखंड के प्रकृति पर्व और संस्कृति को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। वहीं, शिवलोक के मध्य में बाबा बैद्यनाथ मंदिर का भव्य और दिव्य प्रारूप तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

इसके अलावा यहां भगवान शिव से जुड़े कई प्रमुख धार्मिक स्थलों की झांकियां भी तैयार की गई हैं। इनमें अमरनाथ यात्रा, आंध्र प्रदेश के श्री कालहस्ती मंदिर और त्रिपुरा-बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित प्रसिद्ध उनाकोटि शिव मंदिर की मनमोहक झलकियां शामिल हैं।

श्री कालहस्ती मंदिर की महिमा, भक्त कन्नप्पा की अद्भुत भक्ति और वायुलिंगम की धार्मिक गाथा को भी आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इससे श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न शिव तीर्थों और उनकी धार्मिक मान्यताओं की जानकारी मिल रही है।

उपायुक्त ने कहा कि शिवलोक परिसर केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र बनेगा। यहां आने वाले भक्तों को झारखंड के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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