शेखपुरा: चेवाड़ा प्रखंड के लोहान पंचायत स्थित एकाढ़ा गांव के वार्ड नंबर 4 से एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जहां पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। भीषण गर्मी के बीच करीब 100 घरों के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।
गांव की गलियों में लगे नल सूख चुके हैं, और जिनसे कभी पानी बहता था, वहां अब सन्नाटा पसरा है। मोटर खराब होने के कारण जलापूर्ति बंद है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने दिनों बाद भी इसे ठीक करने की कोई ठोस पहल नहीं की गई।

सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ रही है। सुबह होते ही सिर पर बाल्टी और घड़ा लेकर दूर-दराज के इलाकों से पानी लाने की मजबूरी बन गई है। कई बार घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी पानी नहीं मिल पाता। छोटे-छोटे बच्चे प्यास से बिलखते हैं, और मांएं बेबस होकर उन्हें समझाने की कोशिश करती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस वार्ड में पानी का कोई दूसरा साधन नहीं है, पूरी जिंदगी इसी नल-जल योजना पर टिकी हुई थी। लेकिन अब वही योजना गांव के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। रिंकू देवी, गीत देवी, चंपा देवी, सरयुग रविदास, गुड्डू कुमार और विनय रविदास जैसे कई ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार को सूचना देने पर उसने जिम्मेदारी से साफ इनकार कर दिया और कहा कि उसका कार्यकाल खत्म हो चुका है।

ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को फोन कर गुहार लगाई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। कोई समाधान अब तक नहीं निकला। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों का गुस्सा अब आक्रोश में बदलने लगा है।
थक-हारकर ग्रामीणों ने जिला अधिकारी को आवेदन देकर जल्द से जल्द मोटर बदलने और जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
यह सिर्फ पानी की समस्या नहीं है, बल्कि एक गांव की जिंदगी की लड़ाई है—जहां हर दिन प्यास, परेशानी और इंतजार के बीच गुजर रहा है।
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निवास कुमार,चेवाड़ा (शेखपुरा)