पटना: बिहार में प्रशासनिक मशीनरी को और सक्रिय करने की कवायद शुरू हो गई है। सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के 56 अधिकारियों की पोस्टिंग और तबादले का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल में 12 अधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि लंबे समय से पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहे 44 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
सरकार के इस फैसले से मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर विभागों और जिला प्रशासन तक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। कई अधिकारियों को अहम विभागों में उप सचिव की जिम्मेदारी मिली है, तो कुछ को जिलों में प्रशासनिक और लोक शिकायत से जुड़े पदों पर भेजा गया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय से पथ निर्माण तक बदलाव
फेरबदल में कुमार ओमकारेश्वर को मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव बनाया गया है। वहीं संदीप कुमार को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन में उप सचिव और मनोज कुमार को सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी मिली है।
अभिषेक कुमार को पथ निर्माण विभाग में उप सचिव बनाया गया है। वहीं राकेश कुमार को भी पथ निर्माण विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लंबे इंतजार के बाद मिली पोस्टिंग
पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों के लिए यह आदेश खास मायने रखता है। संतन कुमार सिंह को जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सहरसा, नीरज कुमार को बंदोबस्त पदाधिकारी, शेखपुरा और मनीष कुमार को उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है।
यानी लंबे समय से नई जिम्मेदारी की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को अब सीधे प्रशासनिक कामकाज में भूमिका मिल गई है।
जिलों में भी बदली प्रशासनिक तस्वीर
सरकार ने जिला स्तर पर भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी है। अविनाश कुमार को अपर समाहर्ता लोक शिकायत निवारण, सारण बनाया गया है। प्रभात कुमार को बंदोबस्त पदाधिकारी, मुंगेर और रीतु रानी को वरीय उप समाहर्ता, गोपालगंज की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं नवीन कुमार पांडेय को अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, रोहतास, अनु कुमार को वरीय उप समाहर्ता, मुजफ्फरपुर और प्रियंका कौशिक को अपर समाहर्ता विभागीय जांच, औरंगाबाद बनाया गया है।
लोक शिकायत से लेकर कल्याण विभाग तक जिम्मेदारी
फेरबदल में लोक शिकायत निवारण व्यवस्था पर भी फोकस किया गया है। अभिराम कुमार को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, मोतिहारी, सादिक अख्तर को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, समस्तीपुर और संजय कुमार को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, मधुबनी सदर बनाया गया है।
वहीं अनिल कुमार दास को उप सचिव, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में फिर बढ़ी प्रशासनिक ताकत
मुख्यमंत्री सचिवालय में सत्यम सहाय को उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं दूसरी ओर विभिन्न विभागों में भी अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है।
वंदना सिन्हा को उप सचिव कला एवं संस्कृति विभाग, सुबीर रंजन को उप सचिव जल संसाधन विभाग, अमनप्रीत सिंह को उप सचिव आपदा प्रबंधन विभाग और प्रीति सिंह को उप सचिव ग्रामीण कार्य विभाग बनाया गया है।
गृह, शिक्षा और ग्रामीण विकास विभाग भी प्रभावित
फेरबदल का असर कई बड़े विभागों पर पड़ा है। राकेश गुप्ता को संयुक्त सचिव ग्रामीण विकास विभाग और विजय कुमार पांडेय को संयुक्त सचिव शिक्षा विभाग बनाया गया है।
सुभाष चंद्र मंडल को संयुक्त सचिव गृह विभाग, प्रमोद कुमार को उप सचिव परिवहन विभाग, रिजवान फिरदौस को उप सचिव खान एवं भूतत्व विभाग और अमित कुमार को उप सचिव लघु जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
मुंगेर से बक्सर तक बदली जिम्मेदारियां
सुमन प्रसाद साह को अपर समाहर्ता, मुंगेर, मनीष कुमार को वरीय उप समाहर्ता, बक्सर और शंकर शरण ओमी को बंदोबस्त पदाधिकारी, पूर्णिया बनाया गया है।
वहीं राजीव कुमार को भूमि सुधार उप समाहर्ता, सुपौल, संदीप कुमार को बंदोबस्त पदाधिकारी, जहानाबाद और राजीव रोशन को अपर समाहर्ता लोक शिकायत निवारण, बेगूसराय की जिम्मेदारी मिली है।
56 अधिकारियों की नई जिम्मेदारी से क्या बदलेगा?
बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का यह फेरबदल सिर्फ तबादले तक सीमित नहीं है। 44 अधिकारियों को पदस्थापना मिलने से प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से खाली या प्रतीक्षित जिम्मेदारियों को भरने में मदद मिलेगी, जबकि 12 अधिकारियों के तबादले से विभागों और जिलों में प्रशासनिक समीकरण बदलेंगे।
मुख्यमंत्री सचिवालय, राजस्व, आपदा प्रबंधन, गृह, शिक्षा, ग्रामीण विकास, पथ निर्माण और लोक शिकायत जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अधिकारियों की नई तैनाती से आने वाले दिनों में प्रशासनिक कामकाज पर इसका असर दिखाई दे सकता है।
यानी बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में एक और बड़ा ‘री-शफल’ हुआ है—अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारियों के साथ ये अधिकारी सरकार की प्राथमिकताओं को जमीन पर कितनी तेजी से उतार पाते हैं।
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