लखीसराय: देश के महानतम हॉकी खिलाड़ियों में शुमार मेजर ध्यानचंद की जयंती शनिवार को लखीसराय जिले के खेलो इंडिया स्मॉल कबड्डी ट्रेनिंग सेंटर, खगौर के ग्राउंड पर राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में उत्साह और खेल भावना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन के जरिए मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत मेजर ध्यानचंद के चित्र पर अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। मौके पर जिला कबड्डी संघ की ओर से जिले के 51 कबड्डी खिलाड़ियों को जर्सी एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

बालिका कबड्डी में बड़हिया की बेटियों ने मारी बाजी
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खगौर के किऊल-खगौर मिट्टी ग्राउंड पर बालिका कबड्डी का रोमांचक मुकाबला लखीसराय और बड़हिया की टीमों के बीच खेला गया। सीटी बजते ही दोनों टीमों की खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ खेल का प्रदर्शन किया।
मैच के पहले हाफ में लखीसराय की टीम का दबदबा रहा। खिलाड़ियों ने शानदार रेड, फुर्ती और बेहतर तालमेल के दम पर लगातार अंक जुटाए। पहले हाफ की समाप्ति तक लखीसराय ने बड़हिया के खिलाफ 21-16 की बढ़त बना ली थी।
हालांकि दूसरे हाफ में मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल गया। बड़हिया की खिलाड़ियों ने रणनीति में बदलाव करते हुए आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। लगातार सफल रेड और मजबूत डिफेंस के दम पर टीम ने स्कोर में तेजी से सुधार किया और लखीसराय की बढ़त को पीछे छोड़ दिया।
अंततः बड़हिया की टीम ने 40-32 के अंतर से लखीसराय को पराजित कर बालिका वर्ग का विजेता खिताब अपने नाम कर लिया।
बड़हिया की जीत में आंचल कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बेस्ट रेडर का खिताब दिया गया। वहीं तान्या कुमारी ने अपने मजबूत डिफेंस और बेहतरीन टैकल से प्रभावित किया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट टैकलर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
बालक वर्ग में लखीसराय की टीम विजेता
बालक कबड्डी का मुकाबला भी बेहद रोमांचक रहा। लखीसराय और बड़हिया की टीमों के बीच हुए कड़े मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया।
मैच के दौरान खिलाड़ियों ने बेहतरीन रेड, डिफेंस और टीम वर्क का परिचय दिया। दोनों टीमों के बीच कई मौकों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली। अंत में लखीसराय की टीम ने बेहतर रणनीति और दमदार प्रदर्शन के दम पर 49-40 के अंतर से बड़हिया को पराजित कर बालक वर्ग का खिताब अपने नाम किया।
अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया उद्घाटन
बालिका कबड्डी मुकाबले का उद्घाटन जिला कबड्डी संघ की संरक्षिका एवं वेद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की चीफ चेयरपर्सन प्रेम प्रिया कुमारी, सीनियर वाइस चेयरमैन कृष्णदेव प्रसाद एवं खगौर फैक्स प्रतिनिधि रविकांत यादव ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर तथा टॉस कर किया।
वहीं बालक कबड्डी मैच का उद्घाटन गत विधानसभा चुनाव में सूर्यगढ़ा से राजद प्रत्याशी रहे प्रेम सागर चौधरी, खगौर पंचायत के पूर्व मुखिया मुहम्मद इरफान, चानन प्रखंड के पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि नृपेंद्र कुमार एवं जिला कबड्डी संघ के चेयरमैन शम्भु कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया।
विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
खेल प्रतियोगिता के समापन के बाद विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा जर्सी, मेडल एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि प्रेम प्रिया कुमारी एवं प्रेम सागर चौधरी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।
अतिथियों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि जिले में कबड्डी सहित अन्य खेलों के प्रति युवाओं और बच्चों में बढ़ती रुचि सकारात्मक संकेत है। खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और प्रशिक्षण मिलने से वे आगे चलकर जिला ही नहीं, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
निर्णायकों और प्रशिक्षकों की रही अहम भूमिका
पूरे मुकाबले को निष्पक्ष और रोमांचक बनाए रखने में निर्णायकों एवं प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगिता में शुभम कुमार, निखिल कुमार एवं उदयकांत कुमार ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
वहीं प्रशिक्षक राज कुमार सहनी एवं कोच धीरज कुमार ने खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया और मैच के दौरान खेल अनुशासन एवं तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया।
खेल के क्षेत्र में पहचान बना रहे जिले के बेटे-बेटियां
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित बालक और बालिका कबड्डी मुकाबलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साबित किया कि लखीसराय जिले के बेटे-बेटियां खेल के मैदान में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
विशेष रूप से बालिका वर्ग में बड़हिया की टीम की जीत ने जिले की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास और खेल प्रतिभा को सामने रखा। वहीं बालक वर्ग में लखीसराय की जीत ने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और टीम भावना को प्रदर्शित किया।
मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आयोजित यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए प्रति-स्पर्धा का मंच बना, बल्कि नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करने का भी माध्यम बना। जिले के खेल प्रेमियों को अब इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से आगामी राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
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