पटना: सुबह का वक्त था और सोन नदी के घाट पर सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था। लेकिन कुछ ही देर में परेव घाट गोलियों की आवाज से गूंज उठा। अवैध बालू उठाव और रंगदारी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम का सामना हथियारबंद अपराधियों से हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई।
मुठभेड़ में अपराधी अनीश कुमार के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस टीम के एसआई राजू कुमार सिंह भी गोली लगने से घायल हुए। थाना प्रभारी अमित कुमार के घायल होने की भी सूचना है। बाद में पुलिस ने अनीश कुमार समेत एक अन्य आरोपी पीयूष कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
62 राउंड गोलियों से दहला घाट
पुलिस के अनुसार इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से करीब 62 राउंड फायरिंग हुई। अपराधियों की ओर से करीब 40 राउंड और पुलिस की ओर से 22 राउंड गोली चलाए जाने की जानकारी सामने आई है।
फायरिंग के दौरान पैर में गोली लगने के बाद घायल अपराधी नदी की तरफ भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया और उसे दबोच लिया। यानी जिस घाट पर बालू के अवैध कारोबार का खेल चल रहा था, वहीं पुलिस और अपराधियों के बीच असली ‘ऑपरेशन’ शुरू हो गया।
नदी में नाव बनी भागने का रास्ता
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि पुलिस को देखकर अपराधियों ने नदी के रास्ते भागने की कोशिश की। पुलिस ने पीछा किया और कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मौके से पुलिस ने देसी राइफल, देसी कार्बाइन, दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा और 25 राउंड गोलियां बरामद किए जाने की जानकारी दी है।
बालू से रंगदारी तक… पुलिस को मिली थी बड़ी सूचना
पुलिस के मुताबिक सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी बालू ढोने वाले नाविकों से रंगदारी वसूलने के लिए घाट पर पहुंच रहे हैं। इसके बाद टीम ने घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई।
यही वजह है कि यह मामला केवल अवैध बालू खनन तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि बालू कारोबार, रंगदारी और हथियारबंद गिरोह की सक्रियता को लेकर भी जांच का विषय बन गया है।
कौन है घायल अनीश?
पुलिस के अनुसार घायल अनीश कुमार पटना के टॉप-10 अपराधियों में शामिल बताया जा रहा है। उसका नाम पहले भी AK-47 बरामदगी के मामले से जुड़ा रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है।
अब आगे क्या?
मुठभेड़ के बाद पुलिस की नजर फरार आरोपियों पर है। अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और यह पता लगाने में जुटी है कि घाट पर सक्रिय गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही थी।
बिहटा की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सोन नदी के घाटों पर चल रहे अवैध बालू कारोबार और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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