देवघर: बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में एक महीने तक चला राजकीय श्रावणी मेला-2026 शुक्रवार को संपन्न हो गया। सावन के पूरे महीने बाबाधाम में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ता रहा। इस वर्ष 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया। मेला समाप्त होने के साथ ही बाबा मंदिर में अर्घा व्यवस्था हटा दी गई और शुक्रवार से श्रद्धालुओं के लिए स्पर्श पूजा शुरू कर दी गई।
मेले के अंतिम दिन भी बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिर का पट सुबह 4:28 बजे खुला और इसके बाद जलार्पण शुरू हुआ। प्रशासन के अनुसार अंतिम दिन कुल 96,648 श्रद्धालुओं ने बाबा पर जल चढ़ाया। इनमें 1,584 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम् कूपन के माध्यम से जलार्पण किया। वहीं 2,189 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा और 92,875 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित किया।
विशेष पूजा के बाद हटाया गया अर्घा
राजकीय श्रावणी मेला के सफल समापन के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना और अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा की। इसके बाद मंदिर से अर्घा हटाया गया।
अर्घा हटने के बाद अधिकारियों को बाबा बैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा कराई गई। उपायुक्त ने मेला के सफल और बेहतर संचालन के लिए बाबा बैद्यनाथ को नमन करते हुए आभार जताया। पूजा के बाद मां तारा मंदिर से श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर रहा जोर
श्रावणी मेला के दौरान जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने, जलार्पण को सुगम बनाने, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं तथा बिजली-पानी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। मेला क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी, एआई कैमरे और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।
श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर पहुंचे। कांवरियों के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए बाबाधाम पहुंचे।
अब भादो मेला की तैयारी
श्रावणी मेला समाप्त होने के साथ ही जिला प्रशासन ने भादो मेला-2026 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सरदार पंडा, पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष, महामंत्री, सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और तीर्थपुरोहित शामिल हुए।
बैठक में भादो मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सहित अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। प्रशासन का लक्ष्य आगामी मेले में भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारियों और तीर्थपुरोहित समाज के लोगों ने श्रावणी मेला के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन की टीम के प्रति आभार जताया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
एक महीने तक चले श्रावणी मेले का समापन भले ही हो गया है, लेकिन बाबा बैद्यनाथ के दरबार में आस्था का सिलसिला जारी है। स्पर्श पूजा शुरू होने के साथ ही अब श्रद्धालु बाबा का सीधे स्पर्श कर पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
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