रांची: राजधानी रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में सोमवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अब केवल नौकरी करने वाले कर्मचारी नहीं, बल्कि राज्य सरकार के अभिन्न अंग के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में झारखंड के बच्चों का भविष्य, राज्य का बौद्धिक विकास और शिक्षा की दिशा इन शिक्षकों के ज्ञान, व्यवहार और कार्यशैली पर निर्भर करेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके कार्य से ही बच्चों का भविष्य तय होता है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
हेमंत सोरेन ने कहा कि नव नियुक्त सहायक आचार्य अब सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर कार्य करेंगे और राज्य के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना उनकी बड़ी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर नागरिक जिम्मेदार बनें और “सिविक सेंस” मजबूत करें तो समाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव संभव है। उन्होंने सरकारी संस्थानों की कमियों पर भी चर्चा करते हुए कहा कि सुधार की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज की भी है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्कूल से बच्चों के साथ दुर्व्यवहार या अमानवीय व्यवहार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। ऐसी घटनाओं पर सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य में लागू “मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (Schools of Excellence)” मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सरकारी शिक्षा के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए हजारों की संख्या में आवेदन आ रहे हैं, जो बदलाव का संकेत है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बार 200 से अधिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे छात्रों को विज्ञान शिक्षा में बेहतर अवसर मिलेंगे और वे भविष्य में डॉक्टर व इंजीनियर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में नव नियुक्त सहायक आचार्यों में उत्साह देखा गया और उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लिया।
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