शेखपुरा (बिहार): बुधौली बाजार स्थित ओम शांति भवन बुधवार को एक अलग ही आध्यात्मिक माहौल में नजर आया, जब ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती (मम्मा) की 61वीं पुण्य स्मृति दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने न केवल पुष्पांजलि अर्पित की, बल्कि मम्मा के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने “मम्मा” को सिर्फ एक प्रशासिका नहीं, बल्कि एक ऐसी आध्यात्मिक शक्ति बताया, जिनके शब्दों में लोगों के जीवन को बदलने की ताकत थी। मुख्य अतिथि डॉ. रामाश्रय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मम्मा की एक झलक ही मन को शांति और पवित्रता से भर देती थी।
इस मौके पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग एक मंच पर दिखे। वर्णवाल धर्मशाला के अध्यक्ष डॉ. सुभाष, मुरलीधर मुरारीका हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक डॉ. सुरेश, प्रधानाध्यापिका रिंकी बहन और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और मम्मा के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम को आध्यात्मिक रंग देते हुए ब्रह्माकुमारी पूजा बहन ने सभी को तिलक लगाया और प्रसाद वितरित किया। वहीं राधिका बहन ने मम्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे ज्ञान, सादगी और सेवा की साक्षात मिसाल थीं, जिन्होंने संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
कार्यक्रम के अंत में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में मम्मा को श्रद्धांजलि दी। पूरे परिसर में “ओम शांति” की गूंज के साथ ऐसा महसूस हुआ जैसे मम्मा की शिक्षाएं आज भी लोगों के जीवन को दिशा दे रही हों।
ये खबर भी पढ़े: MP News : पर्यावरण बचाने का संकल्प, ‘एक पेड़ मां के नाम’ बना जनआंदोलन!