भारत/नेपाल: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद हालात अब भी बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। इसी बीच भारत ने नेपाल के लिए अपनी मानवीय सहायता को और तेज करते हुए राहत सामग्री की पांचवीं खेप रवाना कर दी है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
भारत से रवाना हुए पांचवें विमान में विशेष उपकरणों से लैस 11 सदस्यीय विशेषज्ञ बचाव दल शामिल है। टीम का उद्देश्य नेपाल में चल रहे राहत एवं खोज-बचाव अभियान को तकनीकी और जमीनी सहयोग देना है। इसके साथ ही विमान में 5.5 टन आवश्यक दवाएं भी भेजी गई हैं, ताकि आपदा प्रभावित लोगों तक जरूरी चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके।
पहली खेप से पांचवीं खेप तक लगातार बढ़ी मदद
भारत की यह सहायता एक बार की पहल नहीं है। नेपाल में आपदा के बाद भारत लगातार राहत सामग्री और विशेषज्ञ सहायता भेज रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पांचवीं खेप के साथ नेपाल को भारत की कुल राहत सहायता 68.5 टन तक पहुंच गई है। इससे पहले भारत डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों, तकनीकी विशेषज्ञों और खोज-बचाव से जुड़े उपकरणों की सहायता भी भेज चुका है।
मुश्किल इलाकों में चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल में राहत कार्यों के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी इलाकों, मलबे और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की है। कई स्थानों पर खोज-बचाव अभियान बेहद कठिन परिस्थितियों में चल रहा है। भारत की विशेष टीमें नेपाल के स्थानीय सुरक्षा एवं बचाव दलों के साथ मिलकर चुनौतीपूर्ण स्थानों तक पहुंचने में सहयोग कर रही हैं।
विशेष रूप से हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश को लेकर भी अभियान जारी है। भारतीय तकनीकी दलों ने नेपाल की टीमों के साथ मिलकर कुछ सुरंग क्षेत्रों में खोज अभियान में सहयोग किया है।
आपदा की भयावहता अब भी बरकरार
26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों की संख्या 1,100 से अधिक पहुंच चुकी है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। राहत दलों के सामने मलबे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच प्रभावित लोगों तक पहुंचने की चुनौती बनी हुई है।
इस संकट के बीच भारत की पांचवीं राहत खेप में एक तरफ विशेषज्ञ बचाव दल भेजा गया है, तो दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में जरूरी दवाएं पहुंचाई गई हैं। यानी इस बार मदद सिर्फ राहत सामग्री तक सीमित नहीं है—भारत ने बचाव के लिए विशेषज्ञ हाथ और इलाज के लिए जरूरी चिकित्सा सामग्री, दोनों नेपाल भेजे हैं।
भारत और नेपाल के बीच राहत एवं बचाव प्रयासों को लेकर समन्वय जारी है। संकट की इस घड़ी में लगातार भेजी जा रही सहायता दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग को भी रेखांकित करती है।
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