गोपालगंज: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन का असर अब गंडक नदी में भी दिखाई दे रहा है। नदी के तेज बहाव के साथ जहां मलबा, लकड़ियां और अन्य सामान बहकर बिहार पहुंच रहे हैं, वहीं विशालकाय मछलियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गंडक किनारे कहीं 40 किलो तो कहीं 50 किलो और एक जगह करीब 100 किलो की मछली मिलने की बात सामने आई है।
बड़ी मछलियों की खबर फैलते ही वाल्मीकिनगर से लेकर धनहा-गौतम बुद्ध सेतु तक नदी किनारे लोगों की भीड़ जुटने लगी। कोई इस अनोखे नजारे को देखने पहुंचा तो मछुआरे महाजाल, फेंका जाल और कांटा लेकर उफनती नदी में उतरने लगे।
100 किलो की मछली ने मचाई सनसनी
मछुआरे जनेश्वर के अनुसार उन्हें करीब 100 किलो वजन की एक बड़ी मछली मिली। वहीं बच्चा सिंह ने बताया कि गंडक में 40 से 50 किलो तक की कई मछलियां पकड़ी गई हैं।
मछुआरों का दावा है कि तेज बहाव के साथ नेपाल से बड़ी मछलियां गंडक में पहुंची हैं। मंगलपुर और वाल्मीकिनगर क्षेत्र में भी 10 से 90 किलो तक की मछलियां मिलने की बात कही जा रही है।
गंडक किनारे लगा ‘मछली बाजार’
मछलियों के मिलने के बाद नदी किनारे ही उनकी तौल और बिक्री शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर इन मछलियों को करीब 200 से 400 रुपये प्रति किलो तक बेचने की बात सामने आई है।
बाढ़ और बारिश से प्रभावित मछुआरा परिवारों के लिए यह कमाई का अप्रत्याशित मौका बन गया है। हालांकि जिस नदी से मछलियां निकाली जा रही हैं, वही नदी इस समय बेहद खतरनाक रूप में बह रही है।
पेट की आग बनाम उफनती नदी
सैकड़ों मछुआरे तेज धार के बीच जोखिम उठाकर मछली पकड़ रहे हैं। पुल की रेलिंग से जाल फेंककर विशाल मछलियों को खींचने का दृश्य देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच रहे हैं।
लेकिन प्रशासन के लिए यह भीड़ और मछुआरों का नदी में उतरना बड़ी चिंता का विषय है। तेज बहाव के कारण किसी भी समय हादसा हो सकता है।
मछलियों के साथ गैस सिलेंडर भी बहकर आए
गंडक में सिर्फ मछलियां ही नहीं, बल्कि गैस सिलेंडर और लकड़ियां भी बहकर आने की बात सामने आई है। धनहा पुल के पास इन्हें निकालने और देखने के लिए भीड़ जमा हो गई, जिससे मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को हटाया और कुछ गैस सिलेंडरों को जब्त किया। लोगों को नदी में उतरकर बहकर आ रही वस्तुओं को पकड़ने से भी रोका गया।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
गोपालगंज के डीएम समीर सौरभ ने बताया कि नदी में उतरने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और छोटी नावों के परिचालन पर रोक लगाई गई है।
नदी में शव बहकर आने की सूचना की भी जांच कराई गई, लेकिन एसडीआरएफ की टीम को कोई शव नहीं मिला।
त्रासदी के बीच कमाई का मौका, लेकिन खतरा बरकरार
नेपाल की त्रासदी के बाद गंडक में आई इन विशाल मछलियों ने भले ही स्थानीय मछुआरों को अचानक कमाई का मौका दिया हो, लेकिन उफनती नदी के बीच मछली पकड़ना जानलेवा साबित हो सकता है।
एक तरफ लोग 100 किलो की मछली देखने के लिए उमड़ रहे हैं, दूसरी तरफ प्रशासन लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दे रहा है। ऐसे में गंडक के किनारे इन दिनों आपदा, रोमांच और रोजी-रोटी—तीनों की तस्वीर एक साथ दिखाई दे रही है।
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