मुजफ्फरपुर: आधी रात का सन्नाटा और NH-27 पर सड़क किनारे खड़ा एक शख्स… मदद के इशारे पर जैसे ही बाइक रुकती है, कहानी अचानक बदल जाती है। कुछ राहगीरों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ इसी तरीके से लूट की गई। मुजफ्फरपुर के कांटी इलाके में ऐसी घटनाओं की चर्चा ने ‘हसीना गैंग’ को लेकर डर बढ़ा दिया है।
पीड़ितों के दावों के मुताबिक, पहले राहगीरों को लिफ्ट या मदद के बहाने रोका जाता है। इसके बाद कथित तौर पर आसपास छिपे साथी सामने आ जाते हैं और मोबाइल, नकदी व अन्य सामान छीन लिया जाता है।
‘रुको… मदद चाहिए’ और फिर घेर लेते हैं बदमाश
एक पीड़ित के मुताबिक, देर रात सड़क किनारे एक महिला ने बाइक रोकने का इशारा किया। उसे मदद की जरूरत समझकर बाइक रोकना भारी पड़ गया। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद कई लोग वहां पहुंचे और उसे घेर लिया।
एक अन्य पीड़ित ने दावा किया कि सड़क किनारे खड़े थर्ड जेंडर व्यक्ति को देखकर उसने बाइक रोकी। इसके बाद झाड़ियों से कई लोग निकले और हथियार दिखाकर सामान छीन लिया।
पुलिस की गाड़ी दिखी तो झाड़ियों में छिपने का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में आधी रात से तड़के तक संदिग्ध गतिविधियां ज्यादा दिखाई देती हैं। उनका दावा है कि पुलिस पेट्रोलिंग वाहन देखते ही संदिग्ध लोग आसपास की झाड़ियों में छिप जाते हैं।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गैंग की भूमिका की पुष्टि नहीं की है।
वीडियो वायरल, आरोपों से इनकार भी
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक थर्ड जेंडर व्यक्ति से कुछ बाइक सवार पूछताछ करते दिखाई देते हैं। बाइक सवार लूट में शामिल होने का आरोप लगाते हैं, जबकि वह व्यक्ति आरोपों से इनकार करता नजर आता है।
पुलिस बोली- जांच चल रही है
पश्चिमी SDPO-1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड इलाके से शिकायत मिली है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी, लेकिन संलिप्तता सामने नहीं आने पर उन्हें पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया।
पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच कर रही है। अधिकारी के मुताबिक, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित ‘हसीना गैंग’ में कौन लोग शामिल हैं और उनका किसी आपराधिक घटना से संबंध है या नहीं।
फिलहाल NH-27 पर आधी रात के बाद की गतिविधियां पुलिस की निगरानी में हैं। ‘लिफ्ट’ के बहाने लूट की कहानी कितनी सच है और इसके पीछे कौन है—इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
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