लखीसराय: श्रावणी मेला-2026 को लेकर लखीसराय जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी शुरू कर दी है। लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अशोकधाम मंदिर परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की अहम बैठक आयोजित की गई।
जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित ब्रीफिंग में मेले के दौरान तैनात किए जाने वाले दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
भीड़ संभालना होगी सबसे बड़ी चुनौती
श्रावणी मेला के दौरान रविवार की रात से ही सोमवारी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट को सबसे अहम जिम्मेदारी बताया है।
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अपने-अपने प्रतिनियुक्त स्थल पर समय से मौजूद रहें और किसी भी परिस्थिति में लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि अधिकारी चेकलिस्ट के आधार पर काम करें, ताकि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हो सकें।
उन्होंने नियंत्रण कक्ष से लगातार संपर्क बनाए रखने और किसी भी घटना की सूचना तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
रेलवे स्टेशन से मंदिर तक सुरक्षा का घेरा
पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने विधि-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ पुलिसकर्मी सहयोगात्मक व्यवहार रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखें।
मेले के दौरान रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव, मंदिर परिसर, पार्किंग स्थल और कांवड़िया पथ पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। अफवाह फैलाने वालों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
24 घंटे मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को 24×7 चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। वहीं नगर परिषद को साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है।
विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और अग्निशमन विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
अशोकधाम में सुगम दर्शन प्रशासन की प्राथमिकता
अधिकारियों ने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का पर्व है। इसलिए प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में बाबा का दर्शन कर बेहतर अनुभव लेकर वापस लौटें।
इस दौरान अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिवम कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
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