रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मामले की जांच कर रही सीआईडी ने सात वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राज्यभर में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। रांची, पलामू, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह समेत कई जिलों में जांच एजेंसी की टीम लगातार दबिश दे रही है।
CID थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत दर्ज मामले में जांच एजेंसी उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन पर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और अनियमितता से जुड़े होने का संदेह है। हालांकि अब तक सातों आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन CID का दावा है कि उनकी तलाश लगातार जारी है।
जांच एजेंसी के रडार पर रांची, पलामू, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह के रहने वाले सात लोग हैं। इन सभी की भूमिका को लेकर CID अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि इन आरोपियों तक पहुंचने से पूरे नेटवर्क और कथित गड़बड़ी की परतें खुल सकती हैं।
इस बीच जांच का सबसे अहम हिस्सा OMR कार्बन कॉपी की स्क्रूटनी को माना जा रहा है। CID की विशेष टीम परीक्षा में इस्तेमाल हुई OMR कार्बन कॉपियों का मिलान कर रही है। माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया से यह स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा में किस स्तर पर और किस प्रकार की अनियमितताएं हुईं।
सूत्रों के अनुसार, OMR जांच से कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं जो अब तक जांच के दायरे से बाहर थे। यही कारण है कि CID ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
JPSC परीक्षा को लेकर पहले से ही राज्यभर के अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी और सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में CID की कार्रवाई को इस मामले में एक बड़ी और महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि फरार आरोपी कब तक गिरफ्त में आते हैं और OMR जांच से कौन-कौन से नए खुलासे सामने आते हैं।
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