देवघर/रांची: सावन 2026 की शुरुआत के साथ ही झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस बार बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) और बाबा बासुकीनाथ मंदिर (दुमका) में पूरे श्रावणी मेले के दौरान VIP और आउट-ऑफ-टर्न दर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सरकार का साफ संदेश है—अब बाबा के दरबार में कोई VIP नहीं, सिर्फ श्रद्धालु होंगे।
सावन में हर साल लाखों कांवरिये और श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में VIP व्यवस्था के कारण आम लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था भी चुनौती बन जाती थी। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए इस बार यह सख्त निर्णय लिया गया है।
झारखंड सरकार के कैबिनेट सचिवालय एवं निगरानी विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि सावन महीने में किसी भी तरह की VIP या विशेष सिफारिश के आधार पर दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार ने सभी अधिकारियों, संस्थानों और उच्च पदस्थ लोगों से भी अनुरोध किया है कि वे किसी के लिए VIP दर्शन की अनुशंसा न करें। इस निर्देश को सख्ती से लागू करने के लिए देश के विभिन्न संवैधानिक और प्रशासनिक पदों तक पत्र भेजा गया है।
इस फैसले के बाद इस बार की व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। सभी श्रद्धालु एक ही कतार में दर्शन करेंगे। मंदिर में अर्घा सिस्टम के जरिए जलाभिषेक की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग आसानी से बाबा के दर्शन कर सकें।
इधर, सावन 2026 की शुरुआत भी बेहद शुभ संयोग में हुई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस बार श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
इस बार सावन में चार सोमवारी पड़ रही हैं—3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त। हर सोमवारी को बाबा धाम और बासुकीनाथ में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था। उसी विष के प्रभाव को शांत करने के लिए देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।
कोरोना काल के बाद यह पहला मौका है जब बिना किसी बड़ी पाबंदी के सावन मनाया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रही थी, लेकिन इस बार मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
कुल मिलाकर, इस बार का श्रावणी मेला एक बड़े बदलाव के साथ शुरू हुआ है—
यहां अब VIP नहीं, सिर्फ भक्ति की पहचान होगी।
Jharkhand: AI की नजर में रहेगा बासुकीनाथ मेला, 7 हजार जवान और 700 कैमरों से होगी सुरक्षा!