नेपाल/इंडिया: अररिया से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक तनाव के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बोलबम यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नेपाल प्रशासन ने कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है, जबकि नेपाल पुलिस और सेना के जवानों को सड़कों पर उतार दिया गया है।
नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में तनाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। नेपाल पुलिस हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही है, वहीं जमीन पर नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में रविवार देर रात बोलबम यात्रा को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। स्थिति संभालने के दौरान नेपाल पुलिस की फायरिंग में 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई, जबकि करीब 9 युवक गोली लगने से घायल हो गए। घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
ओम प्रकाश मेहता की मौत के बाद मंगलवार को तनाव और बढ़ गया। प्रदर्शनकारी कई स्थानों पर सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात को देखते हुए कोशी बैराज से पकली-इटहरी तक कर्फ्यू लगाया गया है।
प्रदर्शन के कारण नेपाल का प्रमुख पूर्व-पश्चिम महेंद्र राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके अलावा कोशी प्रदेश के मोरंग, सुनसरी और मधेश प्रदेश के सप्तरी, सिराहा, धनुषा, महोत्तरी और बीरगंज जाने वाले कई मार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ है।
सुनसरी के भोकराहा नरसिंह चौक और इनरवा बस चौक समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नेपाल पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े।
वहीं, विराटनगर समेत कई शहरों में सुरक्षा कारणों से दुकानें बंद करा दी गई हैं। आम जनजीवन पर इसका सीधा असर पड़ा है। सीमावर्ती भारतीय इलाकों में भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सुनसरी के प्रमुख जिला अधिकारी ईश्वरी प्रसाद अर्याल ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
फिलहाल नेपाल प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। आंदोलन नेतृत्वविहीन होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अररिया से सटे नेपाल बॉर्डर पर अब हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटा है, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है।
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