सहरसा: सहरसा में पुलिस सिस्टम को हिला देने वाला मामला सामने आया है, जहां सलखुआ थाना में कथित दलाली और केस प्रभावित करने का ऐसा खेल उजागर हुआ जिसने पूरे महकमे में हलचल मचा दी।
मामला तब सामने आया जब थाना परिसर में एक व्यक्ति को थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठकर केस से जुड़ी बातचीत करते हुए देखा गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला गंभीर हो गया और पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया।
कोसी रेंज के DIG डॉ. कुमार आशीष ने मामले की जांच का जिम्मा संभालते हुए सलखुआ थाना पहुंचकर पूरे प्रकरण की गहन जांच की। जांच में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और कथित दलाल सतीश कुमार के बीच संपर्क की पुष्टि मोबाइल रिकॉर्ड से भी हुई।
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा तब हुआ जब गौसपुर गांव के पास संदिग्ध अवस्था में पकड़े गए व्यक्ति की पहचान वायरल वीडियो वाले दलाल सतीश कुमार के रूप में हुई। उसके पास से लैपटॉप, कीपैड मोबाइल, माउस और कई केस से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
DIG के अनुसार, आरोपी सतीश कुमार सिर्फ थाने में घूमने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह फरियादियों से पैसे की मांग, केस डायरी में हस्तक्षेप और अनुसंधान प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे गंभीर मामलों में शामिल पाया गया है। यहां तक कि केस फाइलों के लेन-देन जैसी जानकारी भी जांच में सामने आई है।
पूरे मामले में साठगांठ के आरोप में 10 पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर पुलिस केंद्र सहरसा में लाइन हाजिर कर दिया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
वहीं, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
DIG डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि पुलिस की छवि खराब करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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