भभुआ/बरेली: ट्रेन में सरकारी अधिकारी बनकर यात्रियों को डराने और उनसे कीमती सामान ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर एक ज्वेलरी कारोबारी के कर्मचारी को कार्रवाई और जेल भेजने का भय दिखाकर करीब 2.06 किलो सोना अपने हवाले करा लिया और फिर फरार हो गए। मामले की जांच में रेल पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 612.74 ग्राम सोना और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर कारोबारी के कर्मचारी को अपने प्रभाव में लिया। उसे कार्रवाई करने, जेल भेजने और सोने के मालिक के घर छापेमारी करने की धमकी दी गई। इसी डर में कर्मचारी ने अपने पास मौजूद सोना आरोपियों को सौंप दिया। इसके बाद आरोपी सोना लेकर वहां से निकल गए।
करीब 2.93 करोड़ रुपये के सोने से जुड़ा है मामला
इस मामले में ज्वेलरी कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल की शिकायत पर 24 अक्टूबर को रेल थाना भभुआ में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ठगी किए गए सोने की कीमत करीब 2,92,87,600 रुपये बताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कारोबारी के यहां काम करने वाला कर्मचारी सचिन गंगवार भी कथित तौर पर इस साजिश में शामिल था। बताया गया कि सचिन को हर महीने महज 15 हजार रुपये वेतन मिलता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसने साजिश में किस भूमिका में काम किया और अन्य आरोपियों के साथ उसकी क्या योजना थी।
बरेली से तीन आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रेल पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से बरेली में छापेमारी की। इस दौरान रोहित कुमार, सचिन गंगवार और वरुण कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, वरुण मकान निर्माण का ठेकेदार है। उसके घर से 612.74 ग्राम सोना बरामद किया गया। गिरफ्तार तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।
बाकी सोने और अन्य आरोपियों की तलाश जारी
रविवार को रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद सोने के अलावा बाकी सोने की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास भी जारी हैं।
करीब 2.93 करोड़ रुपये के सोने से जुड़े इस मामले में तीन गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि ठगी की पूरी साजिश में और कौन-कौन शामिल था तथा शेष सोना कहां रखा गया है।