पटना: दीपावली पर घर में पकवान बनें या बाजार में मिठाइयां और नमकीन तैयार हों, हर जगह खाद्य तेल की जरूरत बढ़ जाती है। लेकिन त्योहार की इसी बढ़ती मांग के बीच राजधानी पटना से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो हर उपभोक्ता को सावधान करने वाली है। फतुहा थाना क्षेत्र की कोऑपरेटिव कॉलोनी में पुलिस ने कथित तौर पर ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली खाद्य तेल तैयार करने और उसकी पैकिंग करने के कारोबार का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में तेल, पैकिंग मशीन, नकली रैपर, स्टीकर और अन्य सामग्री बरामद की गई है। जब्त सामान की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कहीं त्योहार के बाजार में नकली ब्रांड के नाम पर तैयार किया गया तेल उपभोक्ताओं तक तो नहीं पहुंच रहा था? आखिर यह कारोबार कब से चल रहा था और तैयार तेल की आपूर्ति किन-किन बाजारों में की जानी थी? फिलहाल पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
फॉर्च्यून के नाम पर तैयार हो रहा था नकली तेल!
जानकारी के अनुसार, फतुहा की कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित एक मकान में कथित रूप से फॉर्च्यून ब्रांड के नाम पर नकली रिफाइंड और सोयाबीन तेल तैयार कर पैकिंग की जा रही थी। आरोप है कि तेल को असली ब्रांड का उत्पाद दिखाने के लिए कंपनी के नाम वाले नकली स्टीकर और रैपर का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद तेल को पैक कर बाजार में भेजने की तैयारी थी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद कंपनी के अधिकारियों ने पटना के एसएसपी को इसकी सूचना दी। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने कोलकाता की आईपी लीगल सर्विस टीम के साथ संयुक्त रूप से मकान में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तेल और पैकिंग से संबंधित कई सामग्रियां बरामद की गईं।
मकान मालिक विकास कुमार हिरासत में, FSL करेगी तेल की जांच
इस मामले में पुलिस ने मकान मालिक और कथित कारोबारी विकास कुमार को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। छापेमारी के बाद FSL की टीम भी मौके पर पहुंची और बरामद तेल समेत अन्य सामग्रियों के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि तेल की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
फतुहा के डीएसपी अवधेश कुमार ने बताया कि FSL की मदद से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। जब्त खाद्य सामग्री और अन्य बरामद सामान की जांच की जा रही है तथा सभी पहलुओं पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
त्योहार के बाजार में पहुंच चुका था नकली तेल?
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कथित तौर पर तैयार किया जा रहा तेल केवल मकान में ही रखा था या उसकी सप्लाई पहले से बाजार में शुरू हो चुकी थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह कारोबार कितने समय से चल रहा था, कितनी मात्रा में तेल तैयार किया गया और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।
यदि इस तरह का नकली उत्पाद बाजार तक पहुंचता है, तो उपभोक्ताओं के लिए असली और नकली ब्रांड में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। खासकर त्योहार के दौरान जब लोग बड़ी मात्रा में तेल खरीदते हैं और दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रहती है, तब सतर्कता और भी जरूरी हो जाती है।
तेल खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
दीपावली के दौरान खाद्य तेल खरीदते समय केवल ब्रांड का नाम देखकर भरोसा न करें। हमेशा विश्वसनीय और प्रतिष्ठित दुकान से ही तेल खरीदें। पैकेट या बोतल की सील, लेबल, बैच नंबर, निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि तथा FSSAI लाइसेंस संबंधी जानकारी जरूर देखें। पैकिंग खुली हो, स्टीकर संदिग्ध लगे या कीमत सामान्य बाजार दर से असामान्य रूप से कम हो, तो खरीदने से बचें।
खरीदारी के बाद बिल जरूर लें, ताकि किसी शिकायत या गड़बड़ी की स्थिति में उत्पाद और दुकानदार की जानकारी उपलब्ध रहे। किसी उत्पाद पर संदेह होने पर उसे इस्तेमाल न करें और संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी या विभाग को सूचना दें।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ी
दीपावली के मौके पर मिठाई, नमकीन, पकवान और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ बाजार में खाद्य सुरक्षा की निगरानी भी जरूरी हो जाती है। फतुहा में सामने आए इस मामले के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य तेल के थोक विक्रेताओं, गोदामों और खुदरा दुकानों की जांच पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस की जांच, FSL की रिपोर्ट और बरामद सामग्री से जुड़े तथ्यों का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि तेल की गुणवत्ता कैसी थी और इस कथित कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा था। त्योहार की खुशियों के बीच हर उपभोक्ता के लिए जरूरी है कि वह खाने-पीने की चीजों की खरीदारी में सावधानी बरते, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी परिवार की सेहत से जुड़ा जोखिम बन सकती है।
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