सुपौल: दुनिया में कदम रखने के कुछ ही समय बाद जिस नवजात बच्ची को अपनों का सहारा नहीं मिला, उसे अनजान महिलाओं की ममता ने नई जिंदगी दे दी। पानी के बीच से आ रही मासूम की रोने की आवाज ने महिलाओं का ध्यान खींचा तो वे बिना देर किए उसकी तलाश में जुट गईं। कमर भर पानी में उतरकर महिलाओं ने नवजात बच्ची को बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने जहां पूरे इलाके को झकझोर दिया है, वहीं महिलाओं की तत्परता और पिंकी देवी की ममता की चर्चा हो रही है।
घटना सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत विशनपुर दौलत पंचायत के भगता टोला स्थित बोचहा धार की है। शनिवार की सुबह धार में एक नवजात बच्ची मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, भगता टोला की कुछ महिलाएं शनिवार सुबह बोचहा धार में पटुआ छुड़ाने का काम कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें पानी के बीच से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।
शुरुआत में महिलाओं को आवाज की दिशा समझ में नहीं आई, लेकिन दोबारा ध्यान देने पर उन्हें महसूस हुआ कि पानी में कोई मासूम बच्ची मौजूद है। इसके बाद महिलाओं ने एक पल की देरी किए बिना पानी में उतरकर तलाश शुरू कर दी। कुछ ही देर में उनकी नजर पानी में मौजूद नवजात बच्ची पर पड़ी। महिलाओं ने उसे बाहर निकाला और बिना समय गंवाए अस्पताल ले जाने का फैसला किया।
महिलाओं ने अस्पताल पहुंचाकर शुरू कराया इलाज
नवजात बच्ची को महिलाएं तत्काल रेफरल अस्पताल राघोपुर लेकर पहुंचीं। वहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की और प्राथमिक उपचार शुरू किया। एहतियात के तौर पर बच्ची को ऑक्सीजन दी गई तथा निगरानी के लिए अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।
रेफरल अस्पताल राघोपुर के डॉ. राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि कुछ महिलाएं नवजात बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंची थीं। जांच के बाद फिलहाल उसकी स्थिति ठीक बताई गई है। एहतियात के तौर पर ऑक्सीजन दी गई है और प्रारंभिक उपचार के लिए उसे भर्ती किया गया है।
पिंकी देवी ने जताई बच्ची को गोद लेने की इच्छा
इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी भगता टोला वार्ड संख्या-11 निवासी पिंकी देवी ने बताया कि वह अन्य महिलाओं के साथ धार में पटुआ छुड़ा रही थीं। इसी दौरान बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर सभी महिलाएं पानी में उतरीं और तलाश के दौरान नवजात बच्ची मिली। इसके बाद उसे सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
पिंकी देवी ने बताया कि मासूम को इस हालत में देखकर उनका मन बेहद व्यथित हो गया। उन्होंने बच्ची को गोद लेकर अपने घर में रखने और उसका पालन-पोषण करने की इच्छा भी जताई। हालांकि बच्ची की आगे की देखभाल और अभिरक्षा को लेकर संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन जरूरी होगा।
डायल-112 की पुलिस पहुंची, बच्ची को धार में छोड़ने वाले की तलाश
घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नवजात बच्ची को बोचहा धार तक कौन और किन परिस्थितियों में लेकर आया था। बच्ची को वहां छोड़े जाने के पीछे की वजह भी जांच का विषय है।
इस घटना ने नवजात की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि समय रहते महिलाओं ने बच्ची को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। अनजान महिलाओं की इस तत्परता ने एक मासूम को इलाज और सुरक्षित देखभाल का अवसर दिया। अब पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की जांच से ही बच्ची को वहां छोड़े जाने की परिस्थितियों का पता चल सकेगा।
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