पटना: बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। पांच दिवसीय इस सत्र के पहले ही दिन सदन के बाहर और अंदर सियासी गर्मी देखने को मिली। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, वहीं सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया।
मानसून सत्र के पहले दिन सबसे ज्यादा चर्चा स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की रही। निशांत कुमार पहली बार विधान परिषद पहुंचे। उनके लिए यह दिन खास रहा, क्योंकि सोमवार को उनका जन्मदिन भी था। सदन पहुंचने पर जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
विधानसभा परिसर के पोर्टिको में जब निशांत कुमार पहुंचे, उस समय विपक्षी विधायक नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में कुछ देर के लिए वह विपक्ष के प्रदर्शन के बीच फंसते नजर आए। हालांकि बाद में वह सदन की कार्यवाही में शामिल हुए।
विधान परिषद में पहली बार बोलते हुए निशांत कुमार ने कहा कि यह उनका पहला दिन है और अगर कोई गलती हो तो क्षमा करें। उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने और सभी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने की बात कही।
निशांत कुमार ने कहा कि युवाओं को सदन की मर्यादा समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार में शिक्षा, रोजगार और विकास के क्षेत्र में कई काम हुए हैं और अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बिहार को आगे ले जाने का काम कर रही है।
इस दौरान विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राजनीति का अर्जुन और निशांत कुमार को अभिमन्यु बताया।
नीट पेपर लीक पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
मानसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। राजद, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
विपक्षी विधायक पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई।
विपक्ष का कहना था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
इसके अलावा नालंदा में हुई मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर भी विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया गया।
सदन में पेश हुआ 87 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट
हंगामे के बीच वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। इस बार करीब 87 हजार 383 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया गया है।
बजट में:
- स्कीम मद में करीब 57 हजार 77 करोड़ रुपए
- वेतन और पेंशन मद में 32 हजार 265 करोड़ रुपए
- केंद्रीय योजनाओं के लिए 39.48 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट के जरिए विकास योजनाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों में अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
सम्राट सरकार के 100 दिन पर विपक्ष की नजर
मानसून सत्र के दौरान ही सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। विपक्ष ने सरकार को कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, विकास योजनाओं और अन्य मुद्दों पर घेरने की तैयारी की है।
वहीं सरकार की ओर से अपनी उपलब्धियां गिनाने की तैयारी है। सदन में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर चर्चा होने की संभावना है।
सत्र के दौरान आगे क्या होगा
20 जुलाई को पहले दिन अनुपूरक बजट पेश किया गया और दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई।
21 और 22 जुलाई को राजकीय कार्य और विधेयकों पर चर्चा होगी।
23 जुलाई को अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी और सरकार जवाब देगी।
24 जुलाई को सत्र के अंतिम दिन गैर सरकारी संकल्पों और अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा होगी।
पहले दिन ही बिहार विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार शुरुआत के साथ शुरू हुआ। अब आने वाले दिनों में विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
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