नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। चक्रवात ‘अर्नब’ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और इसी बीच बंगाल की खाड़ी के आसपास एक नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं ओलावृष्टि और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। ओडिशा में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में नौ महीने का एक बच्चा भी शामिल है।
राजस्थान में बारिश के साथ ओले गिरने से कई जिलों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ में बर्फबारी से पहाड़ों पर ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र आगे डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके प्रभाव से 2 से 3 नवंबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका है।
अर्नब के असर से कई राज्यों में बिगड़ा मौसम
चक्रवात अर्नब से जुड़े मौसमी बदलावों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे रहा है। राजस्थान में बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान में गिरावट आई है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। वहीं ओडिशा में भारी बारिश के कारण नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
ओडिशा के गंजाम और गजपति समेत प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भूस्खलन और बाढ़ से जान-माल का नुकसान हुआ है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अंडमान सागर में नया चक्रवाती सिस्टम बनने के संकेत
अर्नब का असर अभी जारी है, इसी बीच अंडमान सागर के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो 2 से 3 नवंबर के आसपास तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।
इस मौसमी सिस्टम के कारण समुद्र के आसपास के इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
राजस्थान में ओले, तापमान में आई गिरावट
चक्रवात अर्नब के असर से राजस्थान के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। कई शहरों में दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की फसलों पर बारिश और ओलावृष्टि का असर पड़ने की आशंका भी बनी हुई है।
केदारनाथ-बद्रीनाथ में बर्फबारी, पहाड़ों पर बढ़ी ठंड
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के आसपास बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने लगी है। रुद्रप्रयाग समेत कई पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का असर साफ नजर आ रहा है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के नौ जिलों में बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
1 और 2 नवंबर को कई राज्यों में अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 1 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरल और आंध्र प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
2 नवंबर को आंध्र प्रदेश में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। वहीं ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरल और कर्नाटक में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में भी बारिश का दौर जारी
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से बिहार के कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की खबर है। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी है। बारिश के कारण तापमान में बदलाव और ठंड बढ़ने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण को लेकर निर्माण कार्यों पर रोक
एक तरफ देश के कई राज्यों में बारिश और तूफान का असर है, वहीं दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को देखते हुए निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कामों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, यह रोक 5 से 20 नवंबर तक लागू रहेगी। धूल उड़ाने वाले बाहरी निर्माण कार्य इसके दायरे में आएंगे।
दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और गौतम बुद्ध नगर के सरकारी एवं निजी कार्यालयों में कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, जलापूर्ति, स्वच्छता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक परियोजनाओं को छूट दी गई है।
अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से अहम
देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण आने वाले दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। ओडिशा में राहत-बचाव कार्य जारी हैं, राजस्थान और उत्तराखंड में मौसम का असर दिखाई दे रहा है, जबकि अंडमान सागर में विकसित हो रहा नया सिस्टम आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
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